शिकायतकर्ताओं को खुद फोन करने लगे डीएम, खुल गई अधिकारियों की पोल
सीतापुर के महोली तहसील में डीएम डॉ. राजागणपति आर ने औचक निरीक्षण किया। रजिस्टरों में खामियां मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई और जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण व लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जनशिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने बुधवार को महोली तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अभिलेखों और रजिस्टरों में अनियमितताएं मिलने पर उन्होंने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
रजिस्टरों में मिलीं कई खामियां
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अंश संशोधन और नाम संशोधन पटल का अवलोकन किया, जहां रजिस्टरों में कई त्रुटियां पाई गईं। इस पर उन्होंने तहसीलदार और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को रिकॉर्ड अद्यतन रखने और कार्य में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ताओं से खुद फोन पर लिया फीडबैक
जनसुनवाई रजिस्टर की जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर शिकायतकर्ताओं से स्वयं फोन पर बात कर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महत्वपूर्ण पत्रावलियों की भी जांच
डीएम ने धारा-24 सहित अन्य महत्वपूर्ण पत्रावलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए एसडीएम को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और तय समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी केवल अधीनस्थ कर्मचारियों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर शिकायतों का सत्यापन और निस्तारण करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में लापरवाही या अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – वली चौधरी, सीतापुर
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