12 बजे बंद होने वाला मंदिर 12:18 तक खुला रहा! सीएम योगी के विंध्याचल दौरे पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिर्जापुर के विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन कर विंध्य कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इसके बाद विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मंदिर के निर्धारित समय के बाद दर्शन होने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को विश्व प्रसिद्ध विंध्याचल धाम पहुंचे, जहां उन्होंने मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन-पूजन किए और इसके बाद विंध्य कॉरिडोर का निरीक्षण कर विंध्याचल मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। हालांकि, मुख्यमंत्री के निर्धारित समय से देर से पहुंचने के कारण मंदिर के कपाट निर्धारित समय के बाद बंद होने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई।
निर्धारित समय के बाद हुए दर्शन
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री अपने तय कार्यक्रम से लगभग 40 मिनट की देरी से विंध्याचल धाम पहुंचे। सामान्यतः दोपहर 12 बजे राजश्री आरती और श्रृंगार की प्रक्रिया के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने करीब 12:18 बजे मां विंध्यवासिनी के गर्भगृह में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने विंध्य कॉरिडोर और वहां विकसित सुविधाओं का निरीक्षण किया।
विकास कार्यों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा
दर्शन के बाद मुख्यमंत्री अष्टभुजा गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सड़क निर्माण और लोक निर्माण विभाग (PWD) की परियोजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने खराब सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए।
मंदिर परंपरा को लेकर उठे सवाल
मुख्यमंत्री के दर्शन के कारण मंदिर के कपाट निर्धारित समय के बाद बंद होने की घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों और पंडा समाज के एक वर्ग ने नाराजगी जताई। वहीं, इस संबंध में मंदिर प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं आया है। इस मुद्दे पर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
रिपोर्ट – संतोष देव गिरी
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