अयोध्या के बाद अब मथुरा क्या 2०27 की जंग में फिर मंदिर बनेगा सबसे बड़ा चुनावी अस्त्र ?

राम मंदिर दान विवाद के बीच क्या बदलने जा रहा है यूपी का चुनावी नैरेटिव?

चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज की सभी साधु-संतों से अपील
राम मंदिर दान चोरी मामले के बीच नया घटनाक्रम

1990 की अयोध्या कार सेवा की तर्ज पर अब ब्रजभूमि में होगी कारसेवा
09 अगस्त की कार सेवा के ऐलान ने गर्माया सियासी पारा
की अयोध्या कार सेवा की तर्ज पर अब ब्रजभूमि में होगी कारसेवा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी चुनाव करीब आते हैं सबसे पहले सवाल यह उठता है कि इस बार चुनाव का मुद्दा क्या होगा? बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, आरक्षण, जातीय समीकरण या फिर मंदिर? पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर ट्रस्ट और दान से जुड़े विवाद को लेकर बीजेपी सरकार विपक्ष दलों के निशाने पर हैं।
विपक्ष इस मुददे को हवा दे रहा है और सरकार अभी तक डैमेज कंट्रोल करने में बेबस दिखी इसी बीच मथुरा से हुए एक ऐलान ने देश की राजनीतिक गलियारों का तापमान अचानक बढ़ा दिया है। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए कार सेवा का आह्वान कर दिया है। उन्होंने सिर्फ कार सेवा नहीं बल्कि 1990 के अयोध्या आंदोलन की याद दिलाते हुए देशभर के संतों और श्रद्धालुओं से जुडऩे की अपील भी की। बस यहीं से सवाल धार्मिक कम और राजनीतिक ज्यादा दिखायी देने लगता है कि क्या उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंदिर का अध्याय एक नए संस्करण के साथ लौट रहा है? क्या अयोध्या के बाद अब मथुरा चुनावी विमर्श का नया केंद्र बन सकता है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं। ऐसे में यदि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का आंदोलन गति पकड़ता है तो इसका असर केवल अदालतों या धार्मिक संगठनों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि राजनीतिक दलों की रणनीति और चुनावी बहस पर भी पड़ सकता है। खासकर तब जब 2027 का विधानसभा चुनाव बहुत दूर नहीं है।

दिल्ली से शुरू होगी यात्रा

9 अगस्त को प्रस्तावित कार सेवा को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर आयोजित किया जाएगा। दिल्ली से यात्रा शुरू होकर मथुरा पहुंचेगी और कार सेवा का रूप लेगी। महाराज ने बताया कि यह कार्यक्रम अगस्त की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर चुना गया है। पूरे भारत में सनातनी और श्री कृष्ण भक्तों से अपील की गई है कि वह बड़ी संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। 9 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर उत्साह है। महाराज ने कहा कि पूरे विश्व के सनातनी और श्री कृष्ण भक्त इस आंदोलन की चर्चा कर रहे हैं। केवल सनातनी ही नहीं अन्य धर्मों के लोग भी श्री कृष्ण के भजन गाते हैं। ऐसे में लाखों की संख्या में भक्त मथुरा पहुंचकर कार सेवा में शामिल होंगे।

महाराज का दावा लाखों भक्त तैयार

सच्चिदानंद महाराज ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि जिस प्रकार 1990 में अयोध्या में कार सेवा हुई और रामलला को स्थापित करने के लिए संतों-भक्तों ने प्रयास किया उसी प्रकार अब ब्रजभूमि में भी कार सेवा होगी। उन्होंने संतों से लगातार संपर्क बनाए रखने की जानकारी दी। सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि दिल्ली में हिंदू महासभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। हरिद्वार में खडग़पुर परिषद के प्रमुख और अन्य संतों के साथ भी बैठकें तय हैं। बागेश्वर धाम सहित विभिन्न स्थानों के संतों से समर्थन मिल रहा है। सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि सभी संत इस मुद्दे पर एकमत हैं कि अब समय आ गया है जब भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली को मूल स्वरूप में वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बल्कि पूरे सनातन समाज की लड़ाई है। भगवान श्री कृष्ण जहां माखन-मिश्री का भोग लगाते थे उसी पवित्र स्थल को वापस पाने के लिए लाखों भक्त तैयार हैं।

सरकार पर भरोसा

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद पर महाराज ने सरकार पर भरोसा जताया है और एसआईटी जांच का स्वागत किया। सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सीएम होने के साथ ही साथ एक संत हैं धर्म के रक्षक हैं। उन्होंने राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी गठित की है जो पूर्ण निष्पक्षता और सख्ती से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि एसआईटी को यह भी जांचना चाहिए कि कहीं विपक्षी तत्वों ने जानबूझकर कमेटी में लोगों को प्रवेश तो नहीं कराया था। महाराज को उम्मीद है कि एसआईटी की रिपोर्ट जल्द आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

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