क्या आपकी सॉस-जैम भी नकली है? गोरखपुर में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सॉस, जैम, जेली और चटनी की जांच के दौरान ब्लिंकिट स्टोर को नोटिस जारी किया और एक चटनी फैक्ट्री सील कर दी। आठ खाद्य नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: अगर आप रोजमर्रा में सॉस, जैम, जेली, मेयोनीज़ या चटनी का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान एक ब्लिंकिट स्टोर को नोटिस जारी किया गया, एक चटनी निर्माण इकाई को सील कर दिया गया और कई खाद्य उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
ब्लिंकिट स्टोर पर नोटिस, 8 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए
दो दिवसीय अभियान के दौरान विभाग ने सॉस, जैम, जेली, मेयोनीज़, अचार और चटनी का निर्माण एवं बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। राप्तीनगर स्थित ब्लिंकिट स्टोर पर खाद्य लाइसेंस की अवधि समाप्त मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल आठ खाद्य नमूने लेकर उन्हें राजकीय प्रयोगशाला भेजा गया। इनमें सॉस, मेयोनीज़ और मिश्रित अचार के नमूने भी शामिल हैं।

खुफिया सूचना पर चटनी फैक्ट्री सील
जांच के दौरान खुफिया सूचना के आधार पर लाल डिग्गी स्थित साईं चटनी प्रोडक्ट्स में छापेमारी की गई। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान बंद मिला और संचालक भी मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद विभाग ने नियमानुसार फैक्ट्री को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं को दी यह सलाह
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II एवं अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मिलावटी उत्पादों में सड़े-गले फलों, प्रतिबंधित रंग, स्टार्च और अधिक रासायनिक प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय 14 अंकों का वैध FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की स्थिति अवश्य जांचने की अपील की।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडे, गोरखपुर
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