बंगाल में जंगल राज की हुई स्थापना: मोइत्रा

प्रभास मंडल एनकाउंटर पर टीएमसी ने भाजपा पर किया प्रहार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। बंगाल में प्रभास मंडल एनकाउंटर राज्य में सियासी बवाल मच गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा सरकार को घेरा है। सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रभास मंडल एनकाउंटर की कड़ी निंदा करते हुए इसे पश्चिम बंगाल में जंगल राज की स्थापना और कानून के शासन का ह्रास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बीजेपी के राजनीतिक संरक्षण में इस हत्या को अंजाम दिया ताकि मामले से जुड़े उच्च-स्तरीय व्यक्तियों, विशेषकर राजा नामक एक आरोपी, का पर्दाफाश न हो सके और न्यायपालिका को दरकिनार किया जा सके। उन्होंने इसे बिल्कुल अस्वीकार्य और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत बताया है।
उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति की तुलना उत्तर प्रदेश से की और इसे यूपी-2.० कहा, जहां कानून का शासन कमजोर पड़ता दिखता है। मोइत्रा ने 12 साल की बच्ची के कथित रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल के एनकाउंटर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से कानूनी प्रक्रियाओं में नागरिक समाज का भरोसा कम होता है और न्याय के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं। मोइत्रा के अनुसार, मंडल की मौत से जांच के लिए ज़रूरी गवाहियां नहीं मिल पाएंगी।

भाजपा की ओर से काम कर रही है बंगाल पुलिस

तृणमूल कांग्रेस की नेता ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा गोली चलाने के संबंध में सख्त नियम हैं और पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे घुटने के नीचे निशाना लगाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस व्यक्ति को इस तरह से गोली क्यों मारी कि उसकी मौत हो गई? क्योंकि वह भारतीय जनता पार्टी की ओर से काम कर रही है और प्रभास मंडल का मुंह बंद करना चाहती है। मोइत्रा ने दावा किया कि मामले के तीन आरोपियों को शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी के नेता शांतनु मंडल ने छुड़वा दिया था, जबकि जनाक्रोश के बाद आरोपी आनंद सरकार को दोबारा गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस हिरासत में प्रभास मंडल के कथित बयान में ‘राजा’ नाम के एक अन्य आरोपी का भी उल्लेख किया गया था।

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