गरीबों का हक छीना जा रहा है? कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण, आवासीय पट्टों पर उठाए गंभीर सवाल
बांदा के ग्राम पंचायत त्रिवेणी में आवासीय पट्टों के कथित दोहरे आवंटन को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 1992, 2005 और 974 योजना की निष्पक्ष जांच की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा के विकासखंड बड़ोखर खुर्द स्थित ग्राम पंचायत त्रिवेणी में सरकारी आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 1992, 2005 और 974 योजना के तहत हुए पट्टा आवंटनों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो वास्तविक भूमिहीन परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाएंगे।
दोहरे पट्टों के आरोप से बढ़ा विवाद
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 1992 और 2005 में जिन लोगों को आवासीय पट्टे मिले थे, उनमें से कई लाभार्थी अपनी जमीन बेच चुके हैं। इसके बावजूद 974 योजना के तहत कथित रूप से उन्हीं लोगों के नाम दोबारा पट्टा दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि इससे गरीब और पात्र परिवारों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
पुराने रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की कि वर्ष 1992, 2005 और 974 योजना के सभी आवासीय पट्टों का रिकॉर्ड खंगालकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही ऐसे लोगों के नाम सूची से हटाए जाएं, जो पहले ही सरकारी पट्टे का लाभ ले चुके हैं या अपनी आवंटित जमीन बेच चुके हैं, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके।
डीएम कार्यालय ने दिया जांच का आश्वासन
ग्रामीणों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराना है, इसलिए पात्रता के आधार पर ही आवंटन होना चाहिए। जिलाधिकारी कार्यालय ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रिपोर्ट: इकबाल खान, बांदा
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