VIP डीएम कॉलोनी में ‘गंदे पानी’ का संकट! कई दिनों से मटमैली सप्लाई से बढ़ी चिंता
बांदा की वीआईपी डीएम कॉलोनी में कई दिनों से मटमैले और बदबूदार पानी की सप्लाई से लोगों में दहशत है। डीएम समेत कई अधिकारियों के आवास वाली कॉलोनी में संक्रमण के खतरे के बीच जांच और साफ पानी की मांग तेज हुई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जिले की सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी मानी जाने वाली डीएम कॉलोनी इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रही है। सिविल लाइंस स्थित जीआईसी हॉस्टल के पीछे बनी इस कॉलोनी में पिछले कई दिनों से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है और जलजनित बीमारियों का खतरा गहराने लगा है।
डीएम समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के आवास इसी कॉलोनी में
इस कॉलोनी में जिलाधिकारी, जिले और मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास स्थित हैं। सदर विधायक का सरकारी आवास भी इसी परिसर में है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की समस्या सामने आने के बाद स्थानीय लोग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर परिवार, संक्रमण की आशंका
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नलों से निकल रहा पानी न केवल मटमैला है, बल्कि उसमें बदबू भी आ रही है। उनका दावा है कि यह पानी पीने, भोजन बनाने और घरेलू उपयोग के लिए भी सुरक्षित नहीं है। मजबूरी में कई परिवार बाजार से बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं या अन्य स्थानों से स्वच्छ पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो डायरिया, टाइफाइड, हैजा समेत अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
पाइपलाइन और पानी की जांच कराने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि पेयजल पाइपलाइन में रिसाव या सीवर का पानी मिलने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी, जल संस्थान और नगर पालिका प्रशासन से पाइपलाइन की तकनीकी जांच, पानी के नमूनों की लैब टेस्टिंग और जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लोगों की निगाहें अब त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा
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