सोनम वांगचुक के साथ खड़ा हुआ विपक्ष, राहुल के करीबी नेता पहुंचे जंतर-मंतर

आज पूरे देश की नजर इन दिनों दिल्ली पर है. जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की स्थिति एक तरफ बिगड़ती जा रही है तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेता इस पर कुछ बोलने से बच रहे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दोस्तों भाजपा राज में हर वर्ग परेशान नजर आ रहा है। खासकर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

वहीं जो लोग छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं अपनी मानों को लेकर सड़कों पर हैं उन्हें भाजपा सरकार की आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। आज पूरे देश की नजर इन दिनों दिल्ली पर है.

जंतर-मंतर पर पिछले करीब 20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की स्थिति एक तरफ बिगड़ती जा रही है तो दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेता इस पर कुछ बोलने से बच रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ विपक्ष का भरपूर साथ सोनम वांगचुक को मिल रहा है।

सोनम वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पहुंचे और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। Cockroach Janta Party नाम का एक आंदोलन 20 जून से वहां चल रहा था। NEET और दूसरे परीक्षाओं में पेपर लीक, गड़बड़ियों की वजह से छात्रों में भारी नाराजगी है। कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। लोग कहते हैं कि सरकार जवाबदेही नहीं ले रही। वहीं अब आंदोलन को सफल बनाने के लिए 20 तारिख का इंतजार है।

लेकिन सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ती जा रही है। मगर अफ़सोस की बात ये है कि भाजपाई इनकी जरा भी सुध नहीं ले रहे हैं। हलांकि आप और सपा के बाद वांगचुक को कांग्रेस का भी पूरा समर्थन मिलता हुआ नजर आ रही है।

तभी तो कांग्रेस पार्टी के नेता पवन खेड़ा भी वांगचुक से मिलने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे हैं। उनसे मुलाकात के बाद पवन खेड़ा ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारे संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी एक ट्वीट किया।

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सभी को चिंता है। बहुत ही असंवेदनहीन सरकार ऊपर बैठी है, जो लोकतांत्रिक विरोध भी भाषा को नहीं समझती है। ऐसी सरकार के सामने विरोध का तरीका बदलते रहना चाहिए। हमें सोनम वांगचुक और जो बच्चे बैठे हैं, उनके स्वास्थ्य की भी चिंता है। आप अपनी जान को जोखिम में डालकर इस सरकार से कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे।”

पवन खेड़ा ने आगे कहा, “हम काफी समय से ‘छात्रों की गूंज’ नाम से अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग हर गली, मोहल्ले और कैंपस में इन मुद्दों को सक्रिय रूप से उठा रहे हैं।

वहीं इससे पहले जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से दिल्ली के पूर्व सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुलाकात की. केजरीवाल ने कहा कि वो सोनम वांगचुक को सलाम करते हैं जो देश के बच्चों के लिए अनशन कर रहे हैं. हमारे देश में ऐसे बहुत सारे टीचर हैं जिन्होंने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई, उनको गिरफ्तार किया, उन्हें भी सलाम है.

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, ”नीट का पेपर लीक हुआ, उन्होंने क्या किया? 2024 पेपर लीक का जो मास्टर माइंड था उसको बेल कर दी. देश का युवा कब तक बर्दाश्त करेगा? नीट के पेपर के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या कर ली लेकिन इनके ऊपर जूं नहीं रेंगी. इन्होंने उनके खिलाफ FIR तक नहीं की, गिरफ्तार तो दूर की बात है.” साथ ही उन्होंने सरकार को एक प्रस्ताव भी दे दिया।

मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। डिंपल यादव बीते गुरुवार को नई दिल्ली के जंतर मंतर पहुंच कर सोनम वांगचुक के आंदोलन में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने खुद को एक मां होने के कारण बच्चों के दर्द को समझने की बात कही। डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा।

इससे पहले अखिलेश यादव भी सोनम वांगचुक के आंदोलन को अपना समर्थन दे चुके हैं। साथ ही, उन्होंने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भी अपील की थी। सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से शिक्षा में सुधार, नीट पेपर लीक मामले में एक्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर अनशन पर हैं।

गौरतलब है कि तरफ विपक्ष है वो सच के साथ खड़ा है। वहीं सत्ताधारी दल है जो इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है। और बोल भी रहे हैं तो मानों मुँह से जहर उगल रहे हों। इसी कड़ी में बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने सवाल उठाया कि सोनम वांगचुक क्यों अनशन कर रहे हैं? जिस मुद्दे को लेकर वह अनशन पर बैठे हैं उस नीट के एग्जाम का रिजल्ट भी आ गया.

सोनम वांगचुक राजनीति कर रहे हैं. बीजेपी नेता ने कहा कि देश की जनता जानती है कि नरेंद्र मोदी की जो सरकार है वह जनकल्याण के लिए है. नरेंद्र मोदी की सरकार युवाओं की मेधा को कभी बर्बाद नहीं होने देगी. यही वजह है कि नीट के एग्जाम का रिजल्ट सही समय पर आ गया. सोनम वांगचुक का मुद्दा तो ऐसे ही समाप्त हो गया. उनको अनशन तोड़ देना चाहिए. इस सवाल पर कि सत्ता पक्ष का कोई नेता सोनम वांगचुक को मनाने नहीं जा रहा है.

इस पर प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि क्यों सत्ता पक्ष के लोग मनाने जाएंगे? जिस मुद्दे को लेकर वह आमरण अनशन पर हैं वह तो ऐसे ही फ्लॉप हो गया, लेकिन ज्यादा हालत बिगड़ने नहीं दी जाएगी. हमारी सरकार संवेदनशील है. हर वर्ग के लोगों पर ध्यान देती है. किसी का अहित नहीं चाहती है. डॉक्टर उनका प्रॉपर इलाज कर रहे हैं. ज्यादा स्थिति बिगड़ी तो सरकार इस पर पहल करेगी.

हालांकि विपक्षी पार्टियां अब एकजुट हो रही हैं। आप और सपा के बाद कांग्रेस के पवन खेरा जैसे नेता जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने सोनम वांगचुक से मुलाकात की और समर्थन दिया। CPI, CPM, TMC आदि के नेता भी वहां आए। किसान नेता, खाप पंचायत वाले और छात्र संगठन भी शामिल हो गए। यह दिखाता है कि शिक्षा का मुद्दा सिर्फ एक पार्टी का नहीं, पूरे देश का है।

मोदी सरकार की नीतियां युवाओं को निराश कर रही हैं। यह आंदोलन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित नहीं। पूरे देश में चर्चा है। लोग एक दिन का उपवास रखकर समर्थन दे रहे हैं। किसान, छात्र, शिक्षक सब जुड़ रहे हैं। CJP ने 20 जुलाई को चालो संसद मार्च का ऐलान किया है। अगर सरकार नहीं मानी तो दबाव और बढ़ेगा।BJP सरकार को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।

अनशन करने वाले लोग देश के लिए कुछ अच्छा चाहते हैं। शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण क्षेत्र अगर गड़बड़ हो जाए तो भविष्य खराब हो जाएगा। पेपर लीक से मेरिट वाले छात्र पीछे रह जाते हैं। धनी और कनेक्शन वाले आगे निकल जाते हैं। यह नाइंसाफी है।सोनम वांगचुक जैसे लोग गांधीजी के रास्ते पर चल रहे हैं। अहिंसक तरीके से सरकार से जवाब मांग रहे हैं।

विपक्ष का साथ मिलना अच्छा है। कांग्रेस, आप, सपा सब एक होकर छात्रों के साथ खड़े हैं। मोदी की टेंशन बढ़ना लाजमी है क्योंकि जनता अब सवाल पूछ रही है।सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, परीक्षा प्रणाली सुधारें, और लद्दाख की मांगों पर ध्यान दें। अगर नहीं किया तो आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। युवा शक्ति बहुत ताकतवर है। उन्हें नाराज करके BJP खुद को नुकसान पहुंचा रही है।

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