MP के टॉपर आर्यमन सोलंकी की बड़ी सफलता, AIIMS दिल्ली में MBBS की तैयारी
MP के नीट टॉपर जबलपुर के आर्यमन सोलंकी बने हैं. उन्होंने नीट यूजी 2026 में 720 में 696 स्कोर किया है. उनका AIR 46 है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: NEET UG 2026 की स्टेट टॉपर लिस्ट भी जारी हुई है. इसमें MP के नीट टॉपर जबलपुर के आर्यमन सोलंकी बने हैं. उन्होंने नीट यूजी 2026 में 720 में 696 स्कोर किया है. उनका AIR 46 है.
नीट यूजी 2026 का रिजल्ट घोषित हो गया है. मध्य प्रदेश यानी MP से जबलपुर के आर्यमन सोलंकी ने नीट यूजी में स्टेट टॉप किया है. आर्यमन ने नीट यूजी 2026 में 720 में से 696 नंबर हासिल किए हैं. उनकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 46 है. अब उनका सपना देश के प्रतिष्ठित एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करने का है. अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने नियमित पढ़ाई, कॉन्सेप्ट आधारित तैयारी, माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग को दिया है.
नीट यूजी 2026 एमपी स्टेट टॉपर आर्यमन सोलंकी ने कब से तैयारियां शुरू कर दी थी. जानते हैं कि उनके अभिभावक क्या करते हैं. जानते हैं कि उन्होंने इस सफलता के लिए प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई की.
आर्यमन ने11वीं से शुरू कर दी थी तैयारियां
आर्यमन ने बताया कि उन्होंने मुख्य रूप से नीट यूजी की तैयारी 11वीं कक्षा से शुरू कर दी थी. हालांकि 9वीं और 10वीं में पढ़ने के दौरान ही उन्होंने 11वीं-12वीं के कुछ बेसिक कॉन्सेप्ट समझ लिए थे. आर्यमन ने अपनी तैयारी का एक और महत्वपूर्ण मंत्र भी साझा किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी शुरुआत से ही नीट को अंतिम लक्ष्य नहीं बनाया.
वह छोटे-छोटे टारगेट बनाते थे. हर चैप्टर और हर टेस्ट को ही अपना लक्ष्य मानकर तैयारी करते थे. जब छोटे लक्ष्य पूरे होते गए तो बड़ा लक्ष्य अपने आप हासिल हो गया. उनका कहना है कि छात्रों को बड़े लक्ष्य की चिंता करने की बजाय रोजाना छोटे-छोटे लक्ष्य तय कर उन्हें पूरा करना चाहिए.
रोजाना 4 से 5 घंटे की पढ़ाई
आर्यमन सोलंकी ने अपनी सफलता के पीछे मेहनत के बारे में जानकारी देते हुए कहा किसफलता का सबसे बड़ा राज लंबे समय तक लगातार पढ़ाई करना है. उन्होंने कहा कि वह रोजाना केवल 4 से 5 घंटे पढ़ाई करते थे, लेकिन पूरी ईमानदारी और कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ाई करते थे. उन्होंने कहा कि एक दिन 10 घंटे पढ़कर अगले दिन बिल्कुल नहीं पढ़ने से बेहतर है कि हर दिन तय समय तक पढ़ाई की जाए.
आर्यमन के मुताबिक, कभी भी पढ़ाई को बोझ या प्रेशर की तरह नहीं लेना चाहिए. तैयारी हमेशा खुशी और सकारात्मक सोच के साथ करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि रटने की बजाय कॉन्सेप्ट को समझना ज्यादा जरूरी है. परीक्षा चाहे आसान हो या कठिन, उस समय दिमाग शांत रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है. यदि दो साल तक ईमानदारी से तैयारी की है तो परीक्षा के दिन वही मेहनत काम आती है.
AIIMS दिल्ली से MBBS करना चाहते हैं आर्यमन, माता-पिता हैं डॉक्टर
आर्यमन ने बताया कि नीट यूजी 2026 में उन्होंने 720 में से 696 नंबर हासिल किए हैं. उनका AIR 46 है और अब उनका अगला लक्ष्य एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करना है. वहीं आर्यमन के पिता और माता दोनों डॉक्टर हैं. आर्यमन यूरोलॉजी में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई के दौरान आगे उनकी विशेषज्ञता का विषय बदल भी सकता है.
वहीं आर्यमन के पिता डॉ. फणीन्द्र सोलंकी ने बताया कि डॉक्टर बनने का फैसला आर्यमन ने खुद लिया था. उन्होंने कभी बेटे पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया. आर्यमन का लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट था और वह बेहद अनुशासित तरीके से पढ़ाई करता था.
उन्होंने बताया कि नौकरी और कॉलेज की व्यस्तता के कारण आर्यमन की पढ़ाई की पूरी प्लानिंग उसकी मां डॉ. अनुपमा सोलंकी करती थीं. आर्यमन को कभी पढ़ने के लिए कहना नहीं पड़ता था. वह खुद अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित था.
पहले नीट एग्जाम में 710 नंबर बन रहे थे
आर्यमन के पिता डॉ. फणीन्द्र सोलंकी ने नीट पेपर लीक और री-नीट के दौर को भी याद किया. उन्होंने बताया कि जब पेपर लीक की खबरें सामने आने लगीं तो उन्हें अंदाजा हो गया था कि दोबारा परीक्षा हो सकती है.
उस समय पहले वाले पेपर में आर्यमन के लगभग 710 अंक बन रहे थे, लेकिन उन्हें लगा कि पेपर लीक की वजह से उसकी वास्तविक रैंक प्रभावित हो सकती है. इसलिए उन्होंने पहले से ही बेटे को मानसिक रूप से तैयार करना शुरू कर दिया कि यदि दोबारा परीक्षा हुई तो उसे फिर से पूरी तैयारी करनी होगी.
उन्होंने बताया कि परिवार ने री-नीट को नुकसान नहीं बल्कि अवसर के रूप में देखा. उन्हें विश्वास था कि यदि दोबारा परीक्षा कठिन होगी तो मेहनत करने वाले छात्रों को उसका लाभ मिलेगा. इसी सोच के साथ उन्होंने आर्यमन को समझाया कि अगला स्कोर उसके करियर के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होगा.



