सीतापुर में सरकारी तालाब की जमीन हड़पने का आरोप, 5 लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा
सीतापुर के लहरपुर में 1928 से सरकारी तालाब के रूप में दर्ज भूमि पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ईओ की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के लहरपुर क्षेत्र में सरकारी तालाब की भूमि पर कथित कब्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार कर स्वामित्व हासिल करने का मामला सामने आया है। नगर पालिका परिषद लहरपुर के अधिशासी अधिकारी (ईओ) अनूप राय की तहरीर पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
1928 के अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है भूमि
शिकायत के अनुसार संबंधित भूमि वर्ष 1928 के राजस्व अभिलेखों में सरकारी तालाब के रूप में दर्ज है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले इस भूमि को अपने नाम दर्ज कराया गया और बाद में उसका बैनामा कर अन्य लोगों के नाम भी दर्ज करा दिए गए। इस पूरे मामले में अभिलेखों से कथित छेड़छाड़ की भी शिकायत की गई है।
नगर पालिका के कर्मचारी पर भी मिलीभगत का आरोप
मामले में नगर पालिका के एक तत्कालीन कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिलेखों में फर्जी नाम दर्ज कराने में मिलीभगत की गई। पुलिस अब दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों की जांच कर रही है ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
लहरपुर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – वली चौधरी, सीतापुर
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