नेपाल कस्टम में भारतीय कर्मचारियों की समस्याओं पर केंद्र से गुहार, सोनौली एजेंटों ने विदेश मंत्री को भेजा ज्ञापन
भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े भारतीय ट्रांसपोर्ट एवं क्लियरिंग एजेंटों की समस्याओं को लेकर रविवार को सोनौली में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारत-नेपाल सीमा पर व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े भारतीय ट्रांसपोर्ट एवं क्लियरिंग एजेंटों की समस्याओं को लेकर रविवार को सोनौली में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
नेपाल के भैरहवा (बेलहिया) कस्टम कार्यालय में वर्षों से कार्यरत भारतीय एजेंटों और कर्मचारियों की कथित परेशानियों के विरोध में सोनौली कस्टम कार्यालय के सामने सैकड़ों ट्रांसपोर्ट एवं क्लियरिंग एजेंटों ने एकजुट होकर कलमबंद हड़ताल की।
प्रदर्शन के दौरान एजेंटों ने अपना पूरा कामकाज बंद रखा और केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। एजेंटों का कहना है कि नेपाल कस्टम कार्यालय में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों को लंबे समय से प्रशासनिक, कार्य संबंधी और व्यवहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा है।
भारतीय कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की मांग
विरोध प्रदर्शन के बाद सोनौली ट्रांसपोर्ट एंड क्लियरिंग एजेंट एसोसिएशन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को ई-मेल के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि वह इस मामले को नेपाल सरकार के संबंधित विभागों के समक्ष उठाए और भारतीय कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कूटनीतिक स्तर पर पहल करे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन गुप्ता की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि भारत और नेपाल के बीच सीमा पार व्यापार को सुचारु रूप से चलाने में भारतीय क्लियरिंग एजेंटों और उनके कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्षों से ये एजेंट दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहयोग करते आ रहे हैं।
लेकिन वर्तमान समय में नेपाल के भैरहवा कस्टम कार्यालय में कार्यरत भारतीय कर्मचारियों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के कारण कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
भारत-नेपाल व्यापार प्रभावित होने की आशंका
एजेंटों ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच होने वाला व्यापार दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में सीमा से जुड़े कर्मचारियों और एजेंटों की समस्याओं का समाधान समय रहते किया जाना जरूरी है, ताकि व्यापारिक प्रक्रिया बाधित न हो।
ज्ञापन में विदेश मंत्रालय से आग्रह किया गया है कि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास को नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए जाएं, जिससे भारतीय कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द और स्थायी समाधान निकल सके।
भारतीय दूतावास और अधिकारियों को भेजी गई ज्ञापन की प्रति
सोनौली ट्रांसपोर्ट एंड क्लियरिंग एजेंट एसोसिएशन ने ज्ञापन की प्रतिलिपि भारतीय दूतावास काठमांडू, जिलाधिकारी महराजगंज और आयुक्त, सीमा शुल्क (कस्टम) सोनौली को भी भेजी है। एसोसिएशन ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई और सहयोग की अपील की है।
एजेंटों को समाधान की उम्मीद
प्रदर्शन कर रहे एजेंटों ने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्री के हस्तक्षेप से नेपाल कस्टम में कार्यरत भारतीय कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकलेगा। साथ ही भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियां दोबारा सुचारु और बेहतर माहौल में संचालित हो सकेंगी।
एजेंटों का कहना है कि दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों के लिए सीमा पर काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान बेहद जरूरी है। अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की पहल पर टिकी हैं।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



