‘घर में घुसे, ताला काटा और सब ले गए’… बदायूं में पुलिस पर गंभीर आरोप
बदायूं के इस्लामनगर में मकान विवाद के बीच पीड़ित ने पुलिस पर घर में घुसकर ₹8.80 लाख नकदी और 100 ग्राम सोने के जेवर ले जाने का आरोप लगाया। SSP से निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहल्ला अटलनगर निवासी संजीव कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि मकान विवाद के दौरान पुलिसकर्मियों और कुछ लोगों ने मिलकर उसके परिवार को प्रताड़ित किया और घर में घुसकर लाखों रुपये की नकदी व सोने के जेवर ले गए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष भी सामने आना बाकी है।
दीवानी विवाद के बीच बढ़ा तनाव
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके भाई अरविंद और दूसरे पक्ष के बीच मकान व जमीन के स्वामित्व को लेकर दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। संजीव कुमार का आरोप है कि दूसरा पक्ष मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने शिकायत में कहा कि 9 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे कुछ लोग पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे। उनका दावा है कि पूरी घटना का घटनाक्रम घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है।
‘ताला काटकर घर में घुसे, ₹8.80 लाख और 100 ग्राम सोना ले गए’
पीड़ित ने आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2026 को जब उसकी बेटी घर पर अकेली थी, तब उसे फोन कर थाने बुलाया गया। शिकायत में कहा गया है कि थाने में मकान की चाबी देने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग कथित तौर पर घर पहुंचे, आरी से ताला काटकर अंदर घुस गए और अलमारी में रखे बेटी की शादी के लिए सुरक्षित ₹8.80 लाख नकद तथा करीब 100 ग्राम सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने पत्नी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया है।
112 पर कॉल, फिर भी नहीं मिली समय पर मदद: पीड़ित
संजीव कुमार का कहना है कि उनकी बेटी ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक संबंधित लोग नकदी और जेवर लेकर जा चुके थे। उन्होंने दावा किया कि घटना के दौरान थाना प्रभारी सहित कई अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी सहायता नहीं मिली।
SSP से निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग
शिकायतकर्ता का सबसे गंभीर आरोप यह है कि जब वह घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। संजीव कुमार ने पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए SSP बदायूं से निष्पक्ष जांच कराने, एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट -संतुलित पाठक (बदायूं)
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