बुलंदशहर में बारिश का कहर जारी, खुले नाले में गिरी छात्रा; बचाव कार्य जारी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तेज बारिश के दौरान स्कूल से घर लौट रही 11 वर्षीय छात्रा खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गई.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तेज बारिश के दौरान स्कूल से घर लौट रही 11 वर्षीय छात्रा खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, नगर पालिका और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुट गईं, जबकि हादसे के बाद खुले नालों और जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं.
बुलंदशहर जिले में मंगलवार को हुई तेज बारिश एक परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन गई. शहर के मोहल्ला साठा इलाके में स्कूल से घर लौट रही 11 वर्षीय छात्रा खुले नाले में गिरकर तेज बहाव में बह गई. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. छात्रा की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान जारी है, लेकिन अभी तक छात्रा का पता नहीं चल सका.
बारिश से बचने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 11 वर्षीय छात्रा शहर के सुशीला इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा है. मंगलवार को स्कूल की छुट्टी के बाद वह पैदल अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए छात्रा मोहल्ला साठा स्थित एक खुले नाले के ऊपर रखी पटिया पर जाकर खड़ी हो गई.
लगातार बारिश के कारण नाला पूरी तरह उफान पर था. आसपास जलभराव होने से नाले की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया. इसी बीच छात्रा का संतुलन बिगड़ गया और वह खुले मेनहोलनुमा नाले में गिर गई. तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते नाले में बह गई.
रेस्क्यू अभियान में जुटीं कई टीमें
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया. फायर ब्रिगेड, नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं. बच्ची की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम नालों और मेनहोल के जरिए लगातार खोजबीन कर रही है. हालांकि लगातार बारिश और जलभराव के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं. इसके बावजूद प्रशासन का कहना है कि बच्ची की तलाश में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है और अभियान लगातार जारी रहेगा.
नगर पालिका पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नगर पालिका और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई सही तरीके से नहीं कराई गई. साथ ही खुले नालों और मेनहोल को ढकने का काम भी अधूरा छोड़ दिया गया, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नालों को समय रहते सुरक्षित कर दिया जाता और जल निकासी व्यवस्था बेहतर होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था. छात्रा के लापता होने के बाद उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन लगातार बच्ची के सुरक्षित मिलने की दुआ कर रहे हैं. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए हैं.



