2 सितंबर को होगी औपचारिक घोषणा, राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव बने जगदीश आफले

सचिव के रूप में जगदीश आफले की नियुक्ति के बाद अब ट्रस्ट की कार्यकारिणी को सीईओ और प्रवक्ता की नियुक्ति करनी है. फिलहाल प्रवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही नाम का ऐलान हो सकता है. लेकिन सीईओ के चयन में अभी वक्त लगेगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सचिव के रूप में जगदीश आफले की नियुक्ति के बाद अब ट्रस्ट की कार्यकारिणी को सीईओ और प्रवक्ता की नियुक्ति करनी है. फिलहाल प्रवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही नाम का ऐलान हो सकता है. लेकिन सीईओ के चयन में अभी वक्त लगेगा.

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने अपना नया सचिव चुन लिया है. पेशे से इंजीनियर और मंदिर निर्माण में प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश आफले को पहला सचिव बनाया गया है. CEO की नियुक्ति में देरी को देखते हुए ट्रस्ट ने सचिव के रूप में नया पद बनाया और आफले को यह जिम्मेदारी सौंप दी. हालांकि उनकी नियुक्ति पर औपचारिक मुहर 2 सितंबर को लगेगी, जब ट्रस्ट की अगली बैठक होगी.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जगदीश आफले को ट्रस्ट का नया अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाया गया है. उनके नाम का प्रस्ताव भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को भी भेज दिया गया है. चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया था और लंबे कयासबाजी के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा दे दिया था.

हस्ताक्षरकर्ता नहीं होने से अटकी थी सैलरी
फिर 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में तत्कालीन महासचिव चंपत और ट्रस्टी अनिल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. साथ में ट्रस्ट ने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता में भी बदलाव करने का फैसला लिया. इसे देखते हुए ट्रस्ट की ओर से अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और जगदीश आफले का नाम बैंक भेजा गया, लेकिन बैंक ने आफले के ट्रस्टी नहीं होने पर सवाल किया था, जिससे खाता संचालन में गतिरोध आ गया था.

लेकिन नई नियुक्ति के बाद ट्र्स्ट में हस्ताक्षरकर्ता को लेकर बना गतिरोध अब खत्म हो गया है. वहीं एसबीआई ने भी नए प्रस्ताव आने के बाद खातों का संचालन फिर शुरू कर दिया है. अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नहीं होने की वजह से ट्रस्ट से जुड़े करीब एक हजार कर्मचारियों के वेतन और एजेंसियों के भुगतान पर असर पड़ रहा था.

बिना वेतन के ही प्रोजेक्ट मैनेजर रहे आफले
राम मंदिर निर्माण के प्रोजेक्ट मैनेजर रहे जगदीश आफले बिना वेतन के ही अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्हें ट्रस्ट का पहला सचिव बनाया गया है. सचिव के अलावा ट्रस्ट के प्रवक्ता को लेकर चयन प्रक्रिया जारी है. इसके लिए कई नामों पर भी चर्चा की गई. माना जा रहा है कि जल्द ही उसके लिए भी नाम का ऐलान कर दिया जाएगा.

महाराष्ट्र के पुणे से नाता रखने वाले जगदीश आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं. वह पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं. वह पहले से ही अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने राम मंदिर का निर्माण शुरू होने पर बिना वेतन ही प्रोजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी संभाल ली थी.

मुंबई IIT से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
आफले ने आईआईटी मुंबई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और फिर एमटेक किया. इसके बाद वह कई मल्टीनेशनल कंपनियों (MNC) से जुड़े. यही नहीं वह यूरोप के कुछ देशों के अलावा अमेरिका में भी काम करने गए. फिर वह भारत आ गए. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने पर प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में अपनी सेवा देने लगे. वह अपनी पत्नी के साथ यहीं तीर्थ क्षेत्र भवन में रहते हैं.

सचिव के रूप में आफले की नियुक्ति के बाद अब ट्रस्ट की कार्यकारिणी को मुख्य कार्यकारी (सीईओ) और प्रवक्ता की नियुक्ति करनी है. फिलहाल प्रवक्ता की नियुक्ति प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही नाम का ऐलान हो सकता है. सीईओ के चयन पर अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि सीईओ के चयन में अभी वक्त लगेगा, इसलिए सचिव का नया पद बनाया गया है.

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