जिन्होंने 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया वो देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे

- संजय ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम 1971 में संशोधन के प्रस्ताव पर बहस में संघ को घेरा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के प्रस्ताव पर बहस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस ने 52 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया। यह बहस राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान की सुरक्षा से संबंधित मौजूदा कानून को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही थी। संजय सिंह ने कहा, आरएसएस ने 52 साल तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। वे आज हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक देश में संविधान है, तब तक यह कानून देश का अपमान करने वालों को सजा देने के लिए काफी है। सिंह के इस बयान ने सदन में काफी हलचल मचा दी और आरएसएस के समर्थकों की ओर से इसकी कड़ी आलोचना की गई। कानूनी प्रावधान राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम, 1971, भारतीय दंड संहिता के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के प्रति अनादर को रोकने के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम के उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान है। सरकार इस अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें संशोधन ला रही है, ताकि राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। बिल का उद्देश्य और बहस यह संशोधन राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम, 1971 पर आधारित है। वर्तमान में यह अधिनियम राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान को अपमान से बचाता है। इस संशोधन का उद्देश्य इन सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना है। बहस के दौरान, संजय सिंह ने आरएसएस की राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाया और उनके इतिहास का हवाला देते हुए उन पर तिरंगे का अपमान करने का आरोप लगाया।



