सूरत BJP में घमासान, पार्षदों ने की हाथापाई, मनोज सोरठिया ने उठाए तीखे सवाल

सूरत में बीजेपी पार्षदों के बीच हुई हाथापाई के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है... इस घटना पर आम आदमी पार्टी के नेता... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सूरत शहर में हाल ही में बीजेपी के दो पार्षदों के बीच हुई हाथापाई ने पूरे गुजरात की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.. वहीं यह मामला अब सिर्फ एक आपसी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है.. बल्कि विपक्ष भी इसे लेकर सरकार और बीजेपी पर सवाल उठा रहा है.. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस घटना की चर्चा हो रही है.. इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता मनोज सोरठिया ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है.. और उन्होंने कुछ गंभीर सवाल उठाए हैं.. और कहा है कि अगर इस विवाद से जुड़ी चल रही अटकलें सही साबित होती हैं.. तो यह जनता के भरोसे के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा..

सूरत नगर निगम में हाल ही में बीजेपी के दो पार्षदों के बीच किसी मुद्दे को लेकर विवाद हो गया.. बताया जा रहा है कि पहले दोनों के बीच तीखी बहस हुई.. और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया.. नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह का व्यवहार लोगों को हैरान कर गया..

आपको बता दें कि घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया.. लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि जिन प्रतिनिधियों को शहर के विकास और जनता की समस्याओं को हल करने की जिम्मेदारी दी गई है.. वे आपस में ही लड़ते दिखाई दे रहे हैं..

हालांकि इस विवाद की असली वजह क्या थी.. इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.. अलग-अलग रिपोर्ट्स में अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं.. कुछ लोग इसे व्यक्तिगत मतभेद बता रहे हैं.. जबकि कुछ का कहना है कि किसी प्रशासनिक या स्थानीय मुद्दे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ..

इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता मनोज सोरठिया ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी.. उन्होंने कहा कि शहर में ऐसी अटकलें चल रही हैं कि यह विवाद कथित तौर पर जबरन वसूली से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुआ है.. उन्होंने यह भी साफ कहा कि वह इन अटकलों का जिक्र कर रहे हैं.. और अगर ये बातें सच साबित होती हैं.. तो यह जनता के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात होगा..

सोरठिया ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को शहर की सेवा करने के लिए चुनती है.. लोग उम्मीद करते हैं कि उनके चुने हुए पार्षद विकास कार्य करेंगे.. नागरिक समस्याओं का समाधान करेंगे और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे.. अगर किसी तरह के पैसों के विवाद या गलत काम की वजह से जनप्रतिनिधि आपस में लड़ते हैं.. तो इससे जनता का भरोसा टूटता है..

और उन्होंने आगे कहा कि सूरत जैसे बड़े और विकसित शहर में अभी भी कई ऐसे मुद्दे हैं.. जिन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है.. सड़कों की हालत, जल निकासी, सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक.. और कई विकास कार्य लंबे समय से लोगों की चिंता का विषय बने हुए हैं.. ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों का आपसी विवाद लोगों को निराश करता है.. मनोज सोरठिया ने बीजेपी के पार्षदों से अपील करते हुए कहा कि वे आपसी विवाद छोड़कर जनता के मुद्दों पर ध्यान दें.. उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें झगड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए चुना है..

वहीं यह बयान राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.. क्योंकि गुजरात में लंबे समय से बीजेपी सत्ता में है.. और सूरत नगर निगम में भी बीजेपी का मजबूत बहुमत है.. ऐसे में पार्टी के अंदर इस तरह की घटना विपक्ष को सरकार और बीजेपी पर सवाल उठाने का मौका देती है.. हालांकि, यह भी सच है कि अभी तक इन अटकलों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.. जबरन वसूली या पैसों के बंटवारे से जुड़े आरोप केवल चर्चाओं और अटकलों का हिस्सा हैं..

 

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