मानसून सत्र के 15वें दिन भी संसद में हंगामा
विपक्ष गृहमंत्री केबयान पर अड़ा, सरकार बोली विपक्ष नहीं तय करेगा कौन बोलेगा, लोकसभा सोमवार तक स्थगित, राज्यसभा में कार्यवाही शाम तक टली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मानसून सत्र के 15वें दिन, शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा। लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 4 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
राज्यसभा में किरण रिजिजू विपक्ष पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता ही नहीं कि सदन चले. यह वह तय नहीं करेगा कि कौन जवाब देगा। वहीं एनडीए के करीब 45 नए और पहली बार चुने गए लोकसभा सांसद आज सुबह करीब 9 बजे पीएम नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर नाश्ते पर मिलें। इस बैठक में वे सांसद भी शामिल हुए जो हाल ही में टीएमसी, यूबीटी व एनसीपी शिवसेना जैसी पार्टियों से एनडीए में शामिल हुए हैं। गुरुवार का दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में काफी हंगामे भरा रहा था। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर लगातार नारेबाजी की।

लोकसभा में विपक्ष ने लगाए नारे
लोकसभा में जमकर हंगामा हो रहा है। होम मिनिस्टर सदन में आओ, चंदा चोर, गद्दी छोड़ जैसे नारे विपक्ष लगा रहा है।
गृह मंत्री की जवाबदेही पर रिजिजू ने विपक्ष पर साधा निशाना
लोकसभा में गृह मंत्री की जवाबदेही की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा कि जब वे बोलेंगे, तब आप सुन नहीं पाएंगे। यह ड्रामा खत्म होना चाहिए. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री तब आते हैं जब उनके विभाग का कोई बिल आता है। रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ये तय नहीं करेगा कि कौन जवाब देगा। लोकसभा में रिजिजू ने कहा अमित शाह जी सुबह सुबह संसद भवन आते हैं, देर रात वापस जाते हैं। ये नारा लगाने का तरीका गलत है. गृहमंत्री अमित शाह वो इंसान हैं, जिनका नाम सुनकर आतंकवादी, उग्रवादी कांप उठते हैं. जिस दिन अमित शाह का यहां जवाब होगा, आप सुन नहीं पाएंगे. नियम के तहत जिसका बिजनेस होता है, उसी संबंधित मंत्री को आना होता है. आप यह तय नहीं कर सकते. आप सदन को डिस्टर्ब कर रहे हैं।
एफसीआरए-26 पर 12 अगस्त को संसद में चर्चा
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात के बाद कहा कि विवादित विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक एफसीआरए-26 पर 12 अगस्त को संसद में चर्चा और उसे पारित करने की प्रक्रिया होगी और इसे पिछली तारीख से लागू नहीं किया जाएगा। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब केंद्र सरकार संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान अहम विधेयकों पर चर्चा के लिए कामकाज सुचारू रूप से चलाने को लेकर विपक्ष के साथ बातचीत कर रही है। लालदुहोमा, मिज़ोरम के चर्च नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शाह से मिले ताकि प्रस्तावित कानून को लेकर अपनी चिंताएं ज़ाहिर कर सकें। इस प्रस्तावित कानून का मकसद विदेशी फंडिंग वाली संस्थाओं पर निगरानी को और कड़ा करना है। इसके तहत एक शक्तिशाली अधिकृत संस्था बनाने का प्रावधान है जो उन हृत्रह्र की संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले सकेगी जिनका लाइसेंस रद्द हो जाता है।
मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे सुखबीर बादल
संसद भवन में हुई मुलाकात, आप ने कसा तंज
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चंडीगढ़ । पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस समय अचानक हलचल तेज हो गई जब शिरोमणि अकाली दल (बादल) के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की मुलाकात को पंजाब की सियासत में अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा 27 के विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हुई है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगा है कि क्या कभी पुराने सहयोगी रहे अकाली दल और भाजपा एक बार फिर चुनावी गठबंधन की राह पर लौट सकते हैं? अकाली दल और भाजपा लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन सहयोगी रहे हैं। कृषि कानूनों पर किसानों के आंदोलन के बाद दोनों दलों की राहें अलग हुई थी। 22 का विधानसभा चुनाव दोनों गुटों ने अलग-अलग लड़ा था। इसके बाद 24 के लोकसभा चुनाव में भी दोनों के रास्ते अलग रहे। ऐसे में मोदी और सुखबीर बादल की मुलाकात को आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोडक़र देखा जा रहा है। पंजाब में 27 का चुनाव आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के बीच बहुकोणीय मुकाबले की तस्वीर पेश कर सकता है। भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित तालमेल चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है। ग्रामीण और शहरी पंजाब में दोनों दलों के अलग-अलग प्रभाव क्षेत्रों को देखते हुए गठबंधन की स्थिति में मुकाबले के समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद गठबंधन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैठक में पंजाब के राजनीतिक हालात के अलावा 27 के चुनाव को लेकर कोई ठोस चर्चा हुई या नहीं।
ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे : केजरीवाल
वहीं इस बैठक पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तंज कसा है। केजरीवाल ने एक्स पर लिखा- ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे। तो क्या चन्दा चोर पार्टी और बेअदबी पार्टी का गठबंधन हो रहा है?
एनटीए के एक्सपट्र्स ने लीक कराया नीट-यूजी का पेपर
सीबीआई की चार्जशीट में बड़ा खुलासा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई की चार्जशीट ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पेपर किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं हुआ था, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के लिए काम कर रहे विषय विशेषज्ञों ने अपने अधिकृत एक्सेस का दुरुपयोग कर पेपर बाहर पहुंचाया।
मामले में दाखिल चार्जशीट पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट 1० अगस्त को संज्ञान लेगी। सीबीआई के अनुसार, प्रश्नपत्र के गोपनीय अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग की प्रक्रिया के दौरान विषय विशेषज्ञों ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया. जांच में सामने आया है कि बॉटनी-ज़ूलॉजी की विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री के विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी (पीवी कुलकर्णी) और फिजिक्स की विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार ने प्रश्नपत्र की जानकारी बाहर पहुंचाई। सीबीआई की जांच के मुताबिक, अप्रैल 26 के दौरान पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे ने पुणे स्थित अपने घरों पर गुप्त स्पेशल रिवीजन सेशन आयोजित किए। इनमें उम्मीदवारों को प्रश्न, उनके चार विकल्प और सही उत्तर मौखिक रूप से बताए गए. उम्मीदवारों ने इन्हें अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा, ताकि इसका कोई डिजिटल रिकॉर्ड न बन सके।
जांच में सामने आया कि फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवालदार ने प्रश्न पुणे स्थित एपीएमए के फिजिक्स लेक्चरर तेजस हर्षदकुमार शाह को बताए इसके बाद शाह ने हस्तलिखित नोट्स की तस्वीरें खींचीं और उन्हें लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर के निदेशक प्रोफेसर शिवराज मोटेगांवकर को भेज दिया. सीबीआई ने यह भी दावा किया है कि शाह ने मनीषा हवालदार के पति के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर किए।
पटना में सडक़ हादसे के बाद बवाल! 5 गाडिय़ां फूंकीं, पुलिस पर भी पथराव
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। बिहार की राजधानी पटना के बाईपास थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे पर शुक्रवार (7 अगस्त) को सडक़ दुर्घटना के बाद जमकर बवाल हो गया। यहां तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से 26 वर्षीय युवक मनीष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और मृतक के परिजन आक्रोशित हो गए और सडक़ पर उतर आए। गुस्साई भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया. लोगों ने बस सहित कई वाहनों में आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद लोगों ने दुर्घटना में शामिल बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी. कुछ ही देर में बस धू-धू कर जलने लगी। आग बुझाने के लिए दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ के विरोध के कारण दमकलकर्मियों को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा. भीड़ ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों का भी विरोध किया और उन्हें पीछे हटना पड़ा।
आक्रोशित लोगों ने केवल बस ही नहीं बल्कि आसपास खड़ी चार से पांच अन्य गाडिय़ों को भी आग के हवाले कर दिया. इस दौरान पुलिस और मीडिया कर्मियों पर भी पथराव किए जाने की सूचना सामने आई है. घटना के बाद नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. काफी देर तक सडक़ पर तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मैं ओछी राजनीति में नहीं पडऩा चाहता: विजय
तृषा पर सीएम का उदयनिधि स्टालिन को करारा जवाब
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु और कर्नाटक में कावेरी नदी के पानी को लेकर विवाद जारी है। इस बीच सीएम विजय ने कहा कि कावेरी मुद्दे को कानूनी तरीके से सुलझाने पर अडिग हूं, इसमें कोई बदलाव नहीं है। सीएम ने इशारों में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान पर भी जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि ‘‘मैं ओछी राजनीति में नहीं पडऩा चाहता.’’ स्टालिन ने पिछले दिनों तंजावुर में कावेरी मुद्दे पर भाषण दिया था. इस दौरान भीड़ ‘‘तृषा, तृषा’’ के नारे लगा रही थी, तो उन्होंने एक अश्लील और द्विअर्थी टिप्पणी की। इस बयान के बाद टीवीके और बीजेपी के नेताओं ने काफी आलोचना की. बाद में पुलिस ने शिकायत के आधार पर उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की. हालांकि हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सीएम ने कहा, बेंगलुरु जाकर इस मुद्दे को हल करने की कोशिश करने के बारे में सोचा था। सोचा कि पड़ोसी राज्य के साथ बातचीत की जाए, क्योंकि कट्टर दुश्मन देश भी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करते हैं।
न्होंने कहा, तमिलनाडु के लोगों के लिए कावेरी मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश में मैं अपमान सहने को भी तैयार था। विजय ने कांग्रेस के दिवंगत नेता का हवाला देते हुए कहा कि कावेरी मुद्दे को बेहद सावधानी और संवेदनशीलता के साथ संभालने की आवश्यकता है। कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक में लंबे समय से संघर्ष चला आ रहा है। तमिलनाडु के सीएम ने विधानसभा चुनाव के दौरान मुद्दे को सुलझाने का वादा किया था।
उदयनिधि स्टालिन ने भी घेरा
उदयनिधि स्टालिन ने कहा, कर्नाटक मेकेदातु बांध बनाने के लिए उत्सुक है। इस मुद्दे पर कर्नाटक सरकार आगे बढ़ रही है. कर्नाटक सरकार की तरह, हमें भी यह दिखाना चाहिए कि हम मेकेदातु बांध के निर्माण के खिलाफ एकजुट हैं. तमिलनाडु में सभी राजनीतिक दल सरकार से मेकेदातु बांध के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रहे हैं हर कोई पूछ रहा है कि तमिलनाडु सरकार इस मामले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने से क्यों बच रही है।



