संसद का मानसून सत्र: विपक्ष के तेवर और चढ़े

दोनों सदनों में भारी हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही होती रही बाधित
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद में मानसून सत्र के आखिरी दो दिन शेष हैं। मानसून सत्र का 18वां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया है। दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित किया गया । विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है।
विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने दो विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए। इनमें केरल का नाम बदलने और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विधेयक शामिल हैं। विपक्ष हाल में हुए छात्र प्रदर्शनों और अन्य मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर सदन में विरोध जारी है।
सदन में हंगामा जारी है। सदस्य स्थायी समितियों की रिपोर्ट पेश करने के लिए खड़े हुए। इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को झारखंड में जारी प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करते हुए सुना गया। उन्होंने छात्रों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की।

सांसद सुष्मिता देव ने जॉन ब्रिटास पर टिप्पणी को लेकर दी सफाई
राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सफाई दी। दिन की शुरुआत में सदन के पटल पर तय दस्तावेज रखे जाने के तुरंत बाद जॉन ब्रिटास ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सुष्मिता देव ने उन्हें लुंगीवाला कहकर निशाना बनाया। वहीं, सुष्मिता देव ने कहा, अगर उन्हें लगता है कि मुझे उनसे मिलकर कुछ कहना चाहिए, तो मैं खुशी से ऐसा करूंगी। मुझे केरल, पूर्वोत्तर, कर्नाटक और वहां के लोगों से बहुत प्यार है। सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि संबंधित सदस्य आपस में मिलकर बात कर सकते हैं और इस गलतफहमी को दूर कर सकते हैं।
संसद आते हैं, सदन में नहीं आते गृहमंत्री : कीर्ति आजाद
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, छात्रों के खिलाफ पेलेट गन, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया गया। यहां तक कि कीलों वाली लाठियों का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा, सरकार ने छात्रों को न्याय दिलाने का वादा किया था, लेकिन अपना वादा पूरा नहीं किया। संसद में आकर जवाब देने वाला कौन था? आज 12 अगस्त है। वह कहां हैं? कीर्ति आजाद ने कहा, वह (केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह) संसद आते हैं, लेकिन जवाब देने के लिए सदन में नहीं आते।
पुलिस कार्रवाई पर शाह जवाब दें : खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- कल कुछ नहीं होगा, संसद में जारी रहेगा विरोध
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में अपना रुख बनाए रखेगा। पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा, ‘कल कुछ नहीं होगा। हम वही करते रहेंगे जो अब तक करते आ रहे हैं।’ आज विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अमित शाह जवाब दो के नारे लगाए।
विपक्ष ने राष्ट्रीय राजधानी और अन्य राज्यों में छात्रों के खिलाफ पुलिस की ओर से बल प्रयोग किए जाने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधा। एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति ( जेपीसी) के पास भेजने की मांग पर खरगे ने कहा, इसे भेजा जाना चाहिए। एफसीआरए देश में व्यक्तियों, संघों और संगठनों की ओर से विदेशी योगदान लेने और उसके इस्तेमाल को रेगुलेट करता है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि ऐसे योगदान का इस्तेमाल उसी मकसद के लिए हो, जिसके लिए वे मिले हैं।
फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 26 को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और अभी संसद में इस पर विचार चल रहा है। संशोधित एफसीआरए नियम, 26 को 22 जून को नोटिफाई किया गया था और ये लागू हैं। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
क्या हम चुपचाप बैठे रहें : प्रियंका
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बुधवार को एक बार फिर जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगे। मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि जब युवा अपने भविष्य के लिए आवाज उठाते हैं तो उनके साथ होने वाले व्यवहार के लिए कौन जिम्मेदार है?
दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1349 मामले मिले
स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। इस मानसून के मौसम में दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ गए हैं और राजधानी में इस साल अब तक एच1एन1 वायरस के 1,349 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं औरएच1एन1 और डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड और विशेष कमरे आरक्षित किए गए हैं। अस्पतालों ने पिछले कुछ हफ्तों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की है।
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम के प्रधान निदेशक और आंतरिक चिकित्सा इकाई के प्रमुख डॉ. सतीश कौल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया पिछले तीन-चार हफ्तों में अस्पतालों में खांसी, जुकाम और तेज बुखार से पीडि़त मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। जांच में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि का पता चला है और डॉक्टरों का कहना है कि वे ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 7-1० ऐसे मरीजों को देख रहे हैं। कोविड-19 के मामलों में भी थोड़ी वृद्धि हुई है सोशल मीडिया पर लोगों ने यह भी बताया है कि दिल्ली में फ्लू जैसे लक्षणों से पीडि़त लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि एच1एन1 के अधिकांश मामले हल्के होते हैं और लक्षण तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाते हैं।
रांची में छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी
सरकार व आंदोलनकारियों में नहीं बनी बात
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ रांची में चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को 2०वें दिन भी जारी है। जेपीएससी-जेएसएससी (जेपीएससी और जेएसएससी ) परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
छात्रों और सरकार के डेलीगेशन के बीच कई दौर की बातचीत होने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि झारखंड में सरकार और छात्रों के बीच बात कहां अटक गई है।। वहीं सवाल यह भी है कि सरकार और छात्रों के बीच आखिर रस्साकशी कहां है। ऐसे में अब सवाल यह भी है कि कई दौर की बातचीत के बाद भी अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान क्यों नहीं निकला है। ऐसे में समझते हैं कि आखिर सरकार और छात्रों के बीच बात कहां अटक गई है। दरअसल सरकार से कई दौर की बातचीच के बाद किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है। जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया। छात्रों से बातचीत के बाद सरकार की तरफ से कहा गया है कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जा रहा है, जल्द ही उनकी मांगों का समाधान निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्रियों की समिति बनाई, जिसने सीएम को निर्देश पर छात्रों से सीधा संवाद शुरू किया। बता दें कि छात्र जेपीएससी में धांधली को लेकर सीबीआई जांच या ईडी और राज्य के बाहर से रिटायर्ड जजों द्वारा जांच की मांग पर अडिग हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी इस मांग को सरकार को मानना होगा। प्रदर्शन के 16वें दिन रविवार (9 अगस्त) को सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार के प्रतिनिधियों का कहना है कि छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक पहुंचा दिया गया है, जिस पर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
चार मंत्रियों के समूह से बात पर असहमति
सरकार का यह भी कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद चर्चा करने के लिए गठित चार मंत्रियों के समूह ने आम सहमति न बन पाने पर निराशा व्यक्त की। सूचना भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डेलीगेशन में शामिल उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्या कुमार सोनू ने कहा कि सरकार ने छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में मामले की जांच कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन छात्रों ने इस पर सहमति नहीं जताई। फिलहाल आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। अब देखना यह होगा कि सरकार कब तक और कैसे इसका समाधान करती है।
मुंबई के कुर्ला में भूस्खलन अब तक 6 लोंगों की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। मुंबई के कुर्ला में भारी बारिश के चलते एक बड़ा हादसा सामने आ रहा है। कुर्ला के चिराग नगर इलाके में बुधवार (12 अगस्त) तडक़े भूस्खलन की घटना सामने आई है। इस हादसे में अब तक 6 लोगों के मरने की खबर है. वहीं, कई लोग मलबे में फंसे भी हो सकते हैं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। बीएमसी मेयर रितु तावड़े भी घटनास्थल पर पहुंची हैं।
यह घटना गौसिया चॉल, राठौड़ मेडिकल के पास हुई है। सूचना मिलते ही मौके पर बचाव दल पहुंच गया है. मलबे में कई लोगों के फंसे होने का शक है। छह की मौत हो चुकी है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लोगों को निकाला जा रहा है। इसकी वीडियो भी सामने आई है।
दरअसल, मुंबई में बीती रात को काफी बरसात थी, जिसके चलते कुर्ला के इस चॉल पर पहाड़ का हिस्सा गिर गया। बृहन्मुंबई नगर निगम के मुताबिक, सुबह करीब 3:48 बजे भूस्खलन की सूचना मिली थी। हादसे की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, बिजली वितरण कंपनी, 1०8 एंबुलेंस और वार्ड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। लगातार मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के पूरे इंतजाम हैं।



