गोरखपुर जिला अस्पताल का VIDEO वायरल, व्हीलचेयर नहीं मिली तो मरीज को पीठ पर लादकर चला तीमारदार
गोरखपुर जिला अस्पताल में व्हीलचेयर नहीं मिलने पर तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर ले गया। वीडियो वायरल होने के बाद CMO ने जांच और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक तीमारदार मरीज को अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल परिसर में ले जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि मरीज को ले जाने के लिए व्हीलचेयर मांगी गई थी, लेकिन सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर तीमारदार को यह कदम उठाना पड़ा। वायरल वीडियो ने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि तीमारदार ने अस्पताल के एसआईसी से भी व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की मांग की थी।
यह भी पढ़ें: गोरखपुर में टीबी के खिलाफ नई मुहिम, 3,081 निक्षय मित्र पहले से निभा रहे बड़ी भूमिका
डिप्टी सीएम और डीएम के निरीक्षण के बाद भी सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब हाल में डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया था। इसके बावजूद मरीज को व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिलने का आरोप सामने आने से अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में समस्याएं फिर सामने आ जाती हैं।
CMO ने जांच और कार्रवाई की बात कही
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि जिला अस्पताल में व्हीलचेयर की देखरेख की जिम्मेदारी सीएमएस के अधीन होती है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और किसी मरीज को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, चलने में असमर्थ मरीजों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराने के पहले से निर्देश हैं। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसआईसी डॉ. ओम प्रकाश सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच और जिम्मेदारी तय होने पर नजर है।
यह भी पढ़ें: ‘पुलिस अंकल-मैडम फोन चलाती रहती हैं…’ पढ़ाई की शिकायत लेकर चौकी पहुंचा कक्षा 7 का छात्र



