मनन मिश्रा के खिलाफ CJP का मोर्चा, NALSAR की जीत के बाद सौरव दास ने दिखाए तेवर

बीसीआई ने विरोध के बाद फैसला वापस लिया. मनन मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जब यह जानकारी शेयर की तो इस पर सौरव दास ने कहा, "Its done, bro. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी..

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बीसीआई ने विरोध के बाद फैसला वापस लिया. मनन मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जब यह जानकारी शेयर की तो इस पर सौरव दास ने कहा, “Its done, bro. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी..

एक और जंग में युवाओं की जीत मिली. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के एक फैसले के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कई लोगों ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दिया जिसके बाद बीसीआई को चंद घंटे के अंदर अपना फैसला पटलना पड़ा. ओवैसी ने मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से निंदनीय है. यह युवाओं को खुलेआम डराने-धमकाने जैसा है. पूरे विवाद में निशाने पर बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा आ गए और CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने उन पर आरोप लगाते हुए एक साल में 14 करोड़ के खर्च का हिसाब मांग लिया.

पूरा मामला बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की ओर से कल गुरुवार को जारी किया गया वह आदेश है जिसमें कहा गया कि हैदराबाद के नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, 2026 में ग्रेजुएट होने वाले किसी भी छात्र को अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोल न किया जाए.

दीक्षांत समारोह को लेकर क्या विवाद
बीसीआई ने यह आदेश तब जारी किया जब दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि को लेकर विवाद हो गया. विवाद NALSAR के 1,400 छात्रों में से करीब 450 छात्रों की ओर से शुरू किए गए उस कैंपेन से पैदा हुआ, जिसमें दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत को बुलाने का विरोध किया गया था.

साथ ही देश में कानूनी पेशे की शीर्ष रेगुलेटरी बॉडी ने उन लोगों के बारे में भी जानकारी मांगी जो कथित तौर पर उस अभियान में “मुख्य रूप से शामिल” थे, जिसमें आगामी दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत के प्रस्तावित शामिल होने का विरोध किया गया था. खबर है कि सीजेआई ने यह न्योता स्वीकार कर लिया है, लेकिन अभी तारीख तय नहीं की गई है.

CJI की टिप्पणी से भड़क गए युवा
यह विरोध CJI सूर्य कांत की ओर से पिछले महीने दिल्ली में NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की ज्यादतियों के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई ज़ुबानी टिप्पणी के बाद शुरू हो गया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, “प्लीज, हमारा समय बर्बाद न करें. हमारे पास ये वीडियो देखने का समय नहीं है.”

विरोध को देखते हए बीसीआई ने नए ग्रेजुएट हुए छात्रों को एडवोकेट के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पर रोक लगा दी. लेकिन सोशल मीडिया पर इस आदेश का जमकर विरोध किया जाने लगा. सीजेपी के प्रवक्ता ने बीसीआई के प्रमुख मनन मिश्रा के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया. विवाद बढ़ा तो बीसीआई को देर रात अपना आदेश वापस लेना पड़ गया.

सौरव दास ने ताबड़तोड़ किए कई पोस्ट
आदेश तो वापस ले लिया गया, लेकिन मनन मिश्रा अब युवाओं के निशाने पर आ गए. सीजेपी के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कल गुरुवार को चेयरमैन ‘मनन ब्रो’ कह कर एक के बाद एक कई पोस्ट कर डाले.

एक पोस्ट में सौरव ने कहा, “मिस्टर मनन मिश्रा, हमारे छात्रों से दूर रहिए! इतनी गैर-कानूनी बात कहने की हिम्मत कैसे हुई आपकी? अपनी पूरी दुनिया को अपनी लॉ डिग्री अभी दिखाइए क्योंकि कोई वकील कानून के बारे में इतनी गलत बात नहीं कह सकता! NALSAR के छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से उस व्यक्ति का विरोध किया है, जिसे उन्होंने अपनी समझ से अपनी मेहनत से हासिल की गई डिग्री देने के लिए सही नहीं समझा. ऐसे में आप बीच में पड़ने वाले कौन होते हैं?”

आपकी जवाबदेही पर भी होगी बातः दास
उन्होंने आगे कहा, “आपकी जवाबदेही पर भी बात होनी चाहिए. आपको यह बताना होगा कि स्टेट बार काउंसिल की देखरेख करने वाली कानूनी संस्था (BCI) होने के नाते, आपने चुनी हुई संस्थाओं को उनके कार्यकाल के बाद भी तब तक काम करते रहने की इजाजत क्यों दी, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इसमें दखल नहीं दिया? इससे किन लोगों को फायदा पहुंचा? ये अभी बताइए.”

मनन पर निशाना साधते हुए दास ने कहा, “आप 2012 से लेकर 2030 तक चेयरमैन का पद क्यों और कैसे संभाले हुए हैं? आप अपने ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में भी बताइए. साथ ही यह भी बताइए, कि आपने छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के मामले में गैर-कानूनी तरीके से दखल क्यों दिया, जैसा कि वहां के हाई कोर्ट ने कहा?” “अगर आपने इस घटिया नोटिफिकेशन को तुरंत वापस नहीं लिया और अपने बर्ताव के लिए माफी नहीं मांगी, तो दिल्ली और पूरे देश के लॉ छात्र और वकील आपके खिलाफ और NALSAR के छात्रों के समर्थन में विरोध करेंगे.”

आपके कार्यकाल का भी हिसाब होः दास
हिसाब-किताब की मांग करते हुए दास ने कहा, “BCI चेयरमैन के तौर पर आपके बर्ताव और कार्यकाल (बीजेपी के राज्यसभा सांसद रहते हुए) का हिसाब-किताब भी होना चाहिए.” अपने एक अन्य पोस्ट में दास ने कहा, “अब मनन मिश्रा को जाना होगा. साल 2012 से वह काफी समय से हैं. उनकी अध्यक्षता में कई तरह की गैर-कानूनी गतिविधियां हुई हैं. हमारे वकील बेहतर के हकदार हैं. मनन ब्रो का समय अब ​​खत्म हो गया है.” मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपने एक अन्य पोस्ट में दास ने कहा, “मनन मिश्रा की ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ ने महज एक साल में मीटिंग और कॉन्फ्रेंस पर 14 करोड़ रुपये खर्च कर डाले.

आज उन्हें NALSAR के छात्रों के लिए जारी किए गए अपने बेहद सख्त आदेश का एक हिस्सा 1 घंटे के अंदर ही वापस लेना पड़ा. तो आखिर यह 14 करोड़ रुपये कहां और कैसे खर्च हो रहे हैं? यात्रा और रहने-सहने पर भी 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए.”बीसीआई ने जब फैसला वापस लेने का ऐलान किया और मनन कुमार मिश्रा ने यह जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर किया तो इस पर सौरव दास ने कहा, “Its done, bro. युवाओं की एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की लड़ाई जारी रहेगी.”

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