TMC के बागी सांसद यूसुफ पठान की बढ़ी मुश्किलें, कब्जे वाले प्लॉट पर कांग्रेस का वार
TMC के बागी सांसद यूसुफ पठान से जुड़े प्लॉट विवाद को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं... कांग्रेस की ओर से प्लॉट से कब्जा हटाकर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः क्रिकेटर से राजनेता बने यूसुफ पठान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं.. तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर एनडीए के करीब पहुंचे यूसुफ पठान के वडोदरा स्थित प्लॉट मामले में अब नया ट्विस्ट सामने आया है.. जिस मामले को लेकर कभी बीजेपी के पार्षदों ने सवाल उठाए थे.. उसी मामले में अब कांग्रेस की पार्षद पुष्पाबेन वाघेला ने नगर निगम की सामान्य सभा में कड़ा विरोध दर्ज कराया है.. उनके विरोध के बाद वडोदरा नगर निगम यानी वीएमसी में यूसुफ पठान से जुड़े प्लॉट की बिक्री के लिए कीमत तय करने की प्रक्रिया फिलहाल अटक गई है..
दरअसल, जब यूसुफ पठान तृणमूल कांग्रेस के सांसद थे.. तब उनके वडोदरा स्थित प्लॉट को लेकर बीजेपी के पार्षद नितिन डोंगा ने सवाल उठाए थे.. उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था.. हालांकि, राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद नितिन डोंगा इस मुद्दे पर शांत नजर आ रहे हैं.. यूसुफ पठान के एनडीए के करीब आने के बाद इस मामले में बीजेपी का रुख भी पहले की तुलना में नरम दिखाई देने लगा है.. लेकिन कांग्रेस की दबंग पार्षद पुष्पाबेन वाघेला ने इस मुद्दे को फिर से नगर निगम की सामान्य सभा में उठा दिया है..
पुष्पाबेन वाघेला की मांग है कि यूसुफ पठान के कब्जे वाले प्लॉट को सबसे पहले वडोदरा नगर निगम कब्जामुक्त कराए.. उनका तर्क है कि किसी भी ऐसी संपत्ति को नीलामी के लिए रखना.. जिस पर पहले से कब्जा हो.. नगर निगम के हित में नहीं है.. अगर जमीन पूरी तरह कब्जामुक्त और विवाद रहित होगी.. तो उसे खरीदने के लिए अधिक बोलीदाता सामने आ सकते हैं.. और नगर निगम को उसकी बेहतर कीमत भी मिल सकती है..
पुष्पाबेन वाघेला ने कहा कि पहले प्लॉट को कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए.. और उसके बाद ही उसकी बिक्री या नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए.. उनके इस विरोध के बाद सामान्य सभा में मौजूद दूसरे पार्षदों ने भी सवाल उठाए.. इसके चलते वडोदरा नगर निगम में सत्तारूढ़ बीजेपी को इस प्रस्ताव को फिलहाल वापस लेना पड़ा.. इस घटनाक्रम ने यूसुफ पठान के प्लॉट मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है..
गौरतलब है कि साल 2024 में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर बहरामपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद.. यूसुफ पठान पर वडोदरा नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे थे.. नगर निगम की ओर से उन्हें जमीन खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया था.. इस नोटिस को चुनौती देते हुए यूसुफ पठान गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे थे.. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने जमीन के आवंटन.. और कब्जे को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए थे..
गुजरात हाईकोर्ट ने पूछा था कि जब जमीन के आवंटन की जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी.. और कोई आधिकारिक आदेश भी मौजूद नहीं था.. तो सरकारी जमीन पर कब्जा कैसे किया गया.. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान या सेलिब्रिटी स्टेटस उसे कानून का पालन करने से छूट नहीं देता.. एक सांसद और सार्वजनिक हस्ती होने के नाते उसकी जिम्मेदारी आम नागरिक की तुलना में और अधिक होनी चाहिए..
अदालत की टिप्पणियों के बाद यह मामला और गंभीर हो गया था.. कोर्ट ने यह भी संकेत दिया था कि यदि जमीन खाली करने में देरी होती है.. तो पिछले वर्षों के कब्जे के लिए संबंधित व्यक्ति को भारी हर्जाना या जुर्माना देना पड़ सकता है.. इसी वजह से यूसुफ पठान का यह प्लॉट विवाद लंबे समय से राजनीतिक.. और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है..
वहीं अब इस पूरे मामले में विश्वामित्री बचाओ समिति के प्रमुख शैलेष अमीन ने भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.. उनका कहना है कि प्लॉट को सबसे पहले कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए.. उनका दावा है कि गुजरात हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यूसुफ पठान के कब्जे को लेकर गंभीर सवाल सामने आए थे.. ऐसे में नगर निगम को जमीन की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.. और नियमों के अनुसार पिछले वर्षों का बकाया किराया या जुर्माना भी वसूलना चाहिए..



