सुप्रीम कटघरे में दिल्ली व बिहार पुलिस

शीर्ष अदालत में पेश किया गया हलफनामा

  • छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा ताकत के इस्तेमाल पर फटकार
  • सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित स्वतंत्र जांच समिति से पूरा सहयोग करने का आश्वासन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जरूरत से ज्यादा ताकत के इस्तेमाल के आरोप पर दिल्ली और बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा है। दोनों राज्यों की पुलिस आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी है। दोनों राज्यों ने यह भरोसा भी दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित किसी भी स्वतंत्र जांच समिति से पूरा सहयोग करेंगे। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि 2० जुलाई के प्रदर्शन में संसद तक मार्च निकालने की कोई इजाजत नहीं दी गई थी।
लगभग 3० हजार की भीड़ को संभालने के लिए करीब 5 हज़ार पुलिसकर्मी तैनात थे। जब भीड़ ने जबरन बैरिकेड तोड़े और हालात हाथ से निकलने लगे, तब कानून के दायरे में रहकर हल्का बल प्रयोग किया गया। हलफनामे में बताया गया है कि इस झड़प में करीब 24० पुलिसकर्मी घायल हुए। 2०० के आसपास सामान्य लोग भी चोटिल हुए। छात्रों के बीच उपद्रवी और असामाजिक तत्व घुस आए थे। उन्होंने स्थिति को बिगाड़ा। फेशियल रिकग्निशन जैसी आधुनिक तकनीक का सीमित इस्तेमाल इस तरह के आपराधिक तत्वों की पहचान के लिए किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती के आरोपों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाएगा। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में संसद मार्च के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज को उच्च स्तरीय समिति को सौंपने का निर्देश दिया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान एके-47 से हवा में हुई थी 4 राउंड फायरिंग, बिहार सरकार ने माना

बिहार में छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा अनुचित और अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने के आरोपों पर राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया हराज्य सरकार ने पुलिस बर्बरता के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान किसी भी तरह की अत्यधिक या असंगत ताकत का इस्तेमाल नहीं किया गया। हलफनामे में सिवान की घटना का जिक्र करते हुए बिहार सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ में घिरे एक पुलिस कॉस्टेबल ने बचाव में अपने एके-47 हथियार से हवा में 4 चक्र गोलियां चलाई थीं। सरकार ने अदालत को बताया कि एके-47 की गोलियों से कोई भी व्यक्ति या प्रदर्शनकारी घायल नहीं हुआ है। हालांकि, कानून-व्यवस्था जैसी स्थिति में इस प्रकार के असॉल्ट हथियार के अनधिकृत उपयोग को अनुचित आचरण मानते हुए संबंधित सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

कील लगी लाठी के मामले पर दिल्ली पुलिस की सफाई

दिल्ली पुलिस ने कील लगी लाठी के वीडियो पर भी सफाई दी है। पुलिस ने साफ किया है कि वह डंडा पुलिस का नहीं, बल्कि एक प्रदर्शनकारी का था। उस डंडे पर राष्ट्रीय ध्वज लगा था। सादे कपड़ों में पुलिस की मौजूदगी का बचाव करते हुए हलफनामे में बताया गया है कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए ही सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

सिटी मॉल ओशिवारा प्रबंधन व पीवीआर की अंधेरगर्दी!

  • पोस्टर लगाकर रोकी प्राकृतिक रोशनी
  • लोगों ने सीएम से की गुहार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। सिटी मॉल ओशिवारा प्रबंधन व पीवीआर की मनमानी के चलते वहां के आस-पास के कार्यालय केलोग परेशान है। भुक्त भोगियों ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को भी की है पर कोई सुनवाई अभी तक नहीं हुई है।
बता दें सिटी मॉल ओशिवारा के ऑफिस के सामने मिर्जापुर मूवी के पोस्टर खिड़कियों से सामने लगा दिए गये हैं। इसकी वजह से उसके पास के सारे ऑफि़सों की प्राकृतिक रोशनी बंद हो गयी है। जब लोगों ने मॉल प्रबंधन से इसको हटाने के लिए कहा तो प्रबंध तंत्र इन पोस्टरों को हटाने को तैयार नहीं है सूत्रों से पता चला है कि इन पोस्टरों व प्रचार केलिए बहुत पैसा मिला है इसलिए वे इसने नहीं हटा रहे है। पर उनकी इस अंधेरगर्दी का शिकार वहां केलोग हो रहे हैं। मॉल और पीवीआर प्रबंधन की ओर से तो गुंडागर्दी जारी है।
लोगों ने महाराष्ट्र केसीएम देवेन्द्र फणनवीस तत्काल इन पोस्टरों को हटाने के आदेश देने की अपी ल की है। उधर पीडि़त लोगों का दावा है कि कुछ भी हो जाए बीएमसी कोई कार्रवाई नहीं करेगी क्योंकि प्रचार कंपनी बहुत उन्हेंउपकृत करती है।

केरलम में ईडी की 8 जगहों पर फिर छापेमारी

  • सीएमआरएल मामले में कार्रवाई तेज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को केरल में आठ ठिकानों पर धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत नए सिरे से तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड-सीएमआरएल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना की बंद हो चुकी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस को 2.78 करोड़ रुपये के भुगतान के आरोपों से संबंधित है। इससे पहले केंद्रीय एजेंसी ने जून में भी इस मामले में वीना से पूछताछ की थी।
ईडी ने केरल में कई जगहों पर नए सिरे से तलाशी ली। यह कार्रवाई सीएमआरएल मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत की गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीना से पूछताछ की गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत राज्य में आठ जगहों पर कार्रवाई की जा रही है।
एजेंसी इस आरोप की जांच कर रही है कि ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीमएमआरएल) ने ‘आईटी कंसल्टेंसी’ सर्विस’ के नाम पर वीना की अब बंद हो चुकी कंपनी ‘एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2.78 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी वाला भुगतान किया। केंद्रीय एजेंसी ने जून में वीना के यहाँ छापा मारा था, जो तिरुवनंतपुरम में किराए के मकान में विजयन के साथ रह रही थीं। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई थी।

दिल्ली में सफाई कर्मचारी की हत्या पर बवाल

  • आप ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल
  • विधायक कुलदीप कुमार को पुलिस ने लिया हिरासत में

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में एक सफाई कर्मचारी की हत्या के बाद हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस घटना के बाद राजनीतिक बवाल मच गया है। आप ने दावा किया कि उनके स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिससे दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में एक सफाई कर्मचारी की चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद हुए बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर, खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए। इस घटना के बाद स्थानीय सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किए और न्याय, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी तथा पीडि़त परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की।
मामला तब राजनीतिक टकराव में बदल गया जब आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार को पुलिस ने तब हिरासत में ले लिया, जब वे पीडि़त परिवार का पक्ष रख रहे थे। आप विधायक संजीव झा ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की और कहा कि खुलेआम हत्याएं हो रही हैं, फिर भी पुलिस कुछ नहीं करती, जबकि जो लोग आवाज़ उठाते हैं, उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है? दिल्ली देश की राजधानी है… जब तक हमें कुलदीप कुमार के बारे में पता नहीं चल जाता, हम यहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद अधिकारी विधायक के ठिकाने के बारे में जानकारी क्यों नहीं दे रहे हैं। झा ने आगे कहा कि हमारे विधायक कुलदीप कुमार एक सफाई कर्मचारी की हत्या के बारे में बात कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस यह नहीं बता रही है कि कुलदीप कुमार कहाँ हैं। वे क्या छिपा रहे हैं?

मोदी जी, हमारे विधायक कुलदीप कहां हैं : केजरीवाल

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। यह आलोचना उन आरोपों के जवाब में की गई कि पुलिस कुलदीप कुमार को सुबह-सुबह उनके घर से ले गई थी। केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी, हमारे विधायक कुलदीप कुमार कहां हैं? आज सुबह 4 बजे आपकी दिल्ली पुलिस कुलदीप कुमार को उनके घर से उठा ले गई, कैमरे तोड़ दिए और डीवीआर भी साथ ले गई। आपकी पुलिस हमें कुछ नहीं बता रही है। अगर पुलिस बिना किसी जानकारी या वजह के किसी विधायक को उनके घर से इस तरह उठा सकती है, तो इस देश का आम आदमी मदद के लिए कहां जाएगा? यह देश आपकी ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगा।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की एसआईटी

  • रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं
  • अनिल मिश्रा की भूमिका पर संशय बरकरार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी, जिसमें चंपत राय का नाम नहीं है। रिपोर्ट में अनिल मिश्रा का नाम है। बता दें कि यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी की रिपोर्ट है। पहली एसआईटी का गठन 13 जून को किया गया था। 6 जुलाई को पहली टीम ने अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी, ये वही रिपोर्ट है।
प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। जिसमें लखनऊ के आइजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। सोमवार को सरकार की ओर से बताया गया कि विजय विश्वास पंत के नेतृत्व वाली एसआईटी की जांच रिपोर्ट श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट को सौंप दी गई है। उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में की गई संस्तुतियों पर ही एफआईआर समेत अन्य कार्रवाई हुई है। रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं है।

8 नामजद को बनाया गया था आरोपी

इस विशेष जांच दल ने 23 जून को अपर मुख्य सचिव गृह विभाग संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी और आगे की जांच के लिए सात दिन का समय मांगा था। शासन ने सात दिन का समय बढ़ा दिया था। साथ ही, प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या में एफआईआर दर्ज हो गयी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। ये सभी आरोपी अभी जेल में बंद हैं।

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