जनगणना के सवालों को लेकर मचा सियासी बवाल

जाति जनगणना को लेकर पहले भी रहा है विवाद

  • 2021 के हलफनामे का हवाला देकर कांग्रेस ने घेरा
  • धर्म और माता-पिता की जानकारी को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
  • जाति से लेकर जन्मस्थान तक पर घमासान, एनडीए सरकार पर हमलावर विपक्ष

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। जनगणना को लेकर अब सियासी संग्राम मच गया है। विपक्ष ने इसको लेकर एनडीए सरकार पर प्रहार किया है। कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि जनगणना-27 में जाति से जुड़े सवाल पूछने का तरीका जानबूझकर गलत रखा गया है और इसके पीछे गहरा और बुरा मकसद हो सकता है। पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि धर्म, जन्म तिथि और माता-पिता के जन्म स्थान से जुड़ी इतनी बारीक जानकारियां पहले कभी नहीं मांगी गईं।
कांग्रेस ने खास तौर पर 21 के सुप्रीम कोर्ट हलफनामे का हवाला देते हुए पूछा है कि जब सरकार ने जातियों की पहचान के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू की उपयोगिता बताई थी, तो 27 की जनगणना में इसे शामिल क्यों नहीं किया गया। जयराम रमेश ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जनगणना 27 के दौरान माता-पिता दोनों के धर्म, जन्म तिथि और जन्म स्थान की जानकारी मांगी जा रही है। इतना ही नहीं, यह जानकारी गांव के स्तर तक दर्ज किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनगणना के सवाल-जवाब वाले फॉर्म में जाति बताने के लिए खुला विकल्प दिया गया है। इसके अलावा, जवाब देने वाला व्यक्ति जाति नहीं बताना चाहते और कोई जाति नहीं जैसे विकल्प भी चुन सकता है। जयराम रमेश ने बताया कि 21 सितंबर 21 को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया था। इसमें जाति जनगणना की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज किया गया था। हालांकि, रमेश ने एक्स पर साझा की गई अपनी पोस्ट में हलफनामे के पैरा 12 (डी) का हवाला देते हुए कहा कि इसमें जातियों का रजिस्टर तैयार करने के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू का सुझाव दिया गया था।

महिला आरक्षण व परिसीमन विधेयक पर भी बात

बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विपक्षी दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने से संबंधित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की अपील पर भी चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार निकट भविष्य में इस संबंध में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। परिसीमन से जुड़े विधेयक के जरिये महिला आरक्षण लागू करने के संबंध में सरकार की संभावित पहल के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पिछले सप्ताह कहा था कि इस मुद्दे पर 19 अगस्त की कार्य समिति की बैठक में चर्चा होगी।

खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्य समिति में भाजपा को घेरने की तैयारी पर चर्चा

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक बुधवार को नयी दिल्ली में होगी जिसमें देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में कार्य समिति की बैठक अपराह्न तीन बजे इंदिरा भवन में होगी। इसमें पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित ‘‘चोरी’’ के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली सरकार को घेरने की रणनीति, बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकती है। इसके अलावा, अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना हैं।

सवाल पूछने का तरीका जानबूझकर गलत : जयराम

रमेश ने अपनी पोस्ट में कहा, जनगणना 27 में जाति के बारे में सवाल पूछने का तरीका जानबूझकर गलत है। धर्म, जन्म तिथि और माता-पिता के जन्म स्थान के बारे में इतने बारीक सवाल पहले कभी नहीं पूछे गए। उन्होंने आगे कहा कि जनगणना गोपनीय होती है। साफ है कि जनगणना 027 के पीछे कोई गहरा और बुरा मकसद है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार जाति जनगणना को रोकना चाहती है। पार्टी ने सवाल उठाया था कि जनगणना 27 में जाति चुनने के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू क्यों शामिल नहीं किया गया, जबकि केंद्र सरकार ने सितंबर 21 में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में इसकी सिफारिश की थी। विपक्षी पार्टी ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3०अप्रैल 25 को जाति जनगणना कराने की घोषणा कर पूरी तरह से यू-टर्न लिया था। कांग्रेस का कहना है कि अब सरकार अपने ही पहले वाले यू-टर्न पर यू-टर्न ले रही है।

बिहार में राजद का एनडीए सरकार पर हल्ला बोल

  • नेता प्रतिपक्ष ने पूछा- सीएम गोलीकांड पर चुप क्यों हैं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। राजद ने आज बिहार की एनडीए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया। बता दें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पिछले कई दिनों एके 47 से घायल हुए छात्रों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। आज वह अपनी सेना के साथ पटना की सडक़ पर उतरे हैं। जेपी गोलंबर से राजभवन तक उन्होंने मार्च का एलान किया है। बिहार में छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव आज अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राजभवन मार्च पर निकले हैं।
पांच किलोमीटर इस राजभवन मार्च में राजद के सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत सभी वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता शामि हैं। पटना के जेपी गोलंबर पर राजद नेता एकत्र हुए यहां से राजभवन की ओर आगे बढऩे की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग कर तेजस्वी और राजद नेताओं को रोक लिया। सभी नेता यहीं डटे हुए हैं। इधर, तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की। तेजस्वी ने छात्र आंदोलन के दौरान एके-47 से हुई फायरिंग के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने और पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।

पश्चिम बंगाल में भीषण अग्निकांड में 18 की दर्दनाक मौत

  • कोलकाता और तारापीठ के होटलों में आग से मचा हडक़ंप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में लगातार दो दिनों में दो बड़े होटल अग्निकांडों से हडक़ंप मच गया है। राजधानी कोलकाता और बीरभूम जिले के धार्मिक स्थल तारापीठ में हुई अलग-अलग अग्नि दुर्घटनाओं में कुल 18 लोगों की जान चली गई। बंगाल में लगातार दो दिनों में दो बड़े होटल अग्निकांडों से हडक़ंप मच गया है। राजधानी कोलकाता और बीरभूम जिले के धार्मिक स्थल तारापीठ में हुई अलग-अलग अग्नि दुर्घटनाओं में कुल 18 लोगों की जान चली गई।
पुलिस और अग्निशमन विभाग दोनों मामलों में होटल प्रबंधनों द्वारा फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की गहन जांच कर रहे हैं। होटल में ठहरे कई मेहमान बांग्लादेशी नागरिक थे जो इलाज के लिए कोलकाता आए थे। बचाव दल मौके पर पहुंचे और इमारत से कई लोगों को बाहर निकाला। रात 3 बजे के बाद, नौ लोगों को बचाया गया और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

 

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