सोनौली में हाईवे के कट बंद होने पर व्यापारियों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

सोनौली में हाईवे के कई कट बंद होने से व्यापारियों में नाराजगी है। कारोबार और आवाजाही प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने प्रशासन को मांगपत्र सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनौली में हाईवे के कट बंद किए जाने का मुद्दा अब सड़क से लेकर प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गया है। रातोंरात कई कट बंद किए जाने के बाद व्यापारियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे बाजार के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचना मुश्किल होगा और दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। व्यापारियों ने प्रशासन को मांगपत्र सौंपकर बंद कट खोलने की मांग की है और समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

PNC ने बंद किए कई कट, मौके पर पहुंचे अधिकारी

मामला सोनौली कस्बे में राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर पर बने कटों से जुड़ा है। सड़क निर्माण करा रही PNC कंपनी की ओर से बीती रात कई कट बंद किए गए। इसके बाद व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के सोनौली नगर अध्यक्ष अजय उर्फ बबलू सिंह और लोहिया वाहिनी समाजवादी के राष्ट्रीय सचिव बैजू यादव के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम नौतनवा कुणाल और सीओ नौतनवा बसंत सिंह से मिला। व्यापारियों ने अधिकारियों को मांगपत्र सौंपते हुए कट बंद होने से आने वाली समस्याओं की जानकारी दी।

शिकायत के बाद गुरुवार को एसडीएम और सीओ PNC के अधिकारियों के साथ सोनौली पहुंचे। टीम ने बंद किए गए कटों का निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों और व्यापारियों ने करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलकर हाईवे पर मौजूद खुले और बंद कटों की स्थिति देखी।

चार और कट बंद करने पर व्यापारियों ने जताया विरोध

निरीक्षण के दौरान चार अन्य कटों को भी बंद करने के निर्देश दिए गए। इस पर व्यापारियों ने आपत्ति जताई। उनका तर्क है कि बिना पर्याप्त वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था किए कट बंद करने से बाजार की आवाजाही प्रभावित होगी।

व्यापारियों के मुताबिक, स्थानीय दुकानदारों के अलावा ग्राहकों और राहगीरों को भी हाईवे के दूसरी तरफ जाने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। इससे खासतौर पर बाजार के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

व्यापारियों ने प्रशासन के सामने यह भी स्पष्ट किया कि वे सड़क सुरक्षा के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाए, लेकिन इसके साथ बाजार के सामान्य आवागमन का रास्ता भी बना रहे।

10 से 12 कटों पर टिका है बाजार का आवागमन

व्यापारियों के अनुसार टेंपो स्टैंड से भारत द्वार तक करीब एक किलोमीटर के हिस्से में हाईवे के डिवाइडर पर लगभग 10 से 12 कट हैं। इन्हीं रास्तों से बाजार के दोनों ओर लोगों की आवाजाही होती है।

मौके के निरीक्षण के दौरान व्यापारियों ने अधिकारियों को अलग-अलग कटों की स्थिति समझाई और बताया कि कौन से रास्ते स्थानीय लोगों तथा कारोबारियों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उनका कहना है कि अचानक सभी कट बंद होने से बाजार की रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

कट नहीं खुले तो आंदोलन की चेतावनी

व्यापारी नेता अजय उर्फ बबलू सिंह और सपा नेता बैजू यादव ने कहा कि सोनौली भारत-नेपाल सीमा का महत्वपूर्ण व्यापारिक और आवागमन केंद्र है। ऐसे में बाजार के बीच बने रास्तों को बंद करने से पहले स्थानीय व्यापारियों और लोगों की परेशानी को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यदि बंद किए गए कटों को जल्द नहीं खोला गया और कोई व्यावहारिक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो व्यापारी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

प्रशासन ने दिया समाधान का भरोसा

एसडीएम कुणाल और सीओ बसंत सिंह ने व्यापारियों की शिकायतें सुनीं और मौके की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है।

अब निगाहें प्रशासन और PNC के अगले कदम पर हैं। एक तरफ हाईवे पर सड़क सुरक्षा और यातायात को व्यवस्थित करने की जरूरत है, तो दूसरी तरफ सीमावर्ती बाजार में स्थानीय आवागमन और कारोबार भी प्रभावित न हो, यह चुनौती प्रशासन के सामने है।

फिलहाल सोनौली में बंद किए गए हाईवे कटों को लेकर व्यापारियों का विरोध जारी है। यदि जल्द कोई बीच का रास्ता नहीं निकला, तो यह मुद्दा आंदोलन का रूप ले सकता है।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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