बिसौली में लकड़ी कारोबार पर बड़ा सवाल, DFO को लेकर कथित टिप्पणी से मचा हड़कंप
बदायूं के बिसौली में बिना जरूरी परमिट लकड़ी कारोबार के आरोपों से मामला गरमा गया है। DFO को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी और UPF कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच की मांग उठी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः बिसौली क्षेत्र में लकड़ी के कारोबार को लेकर एक व्यक्ति पर बिना जरूरी परमिट काम करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मामले में वन विभाग की DFO का नाम लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने की बात सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बिना परमिट लकड़ी कारोबार का लगाया आरोप
स्थानीय स्तर पर शकील नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि वह आवश्यक परमिट के बिना लकड़ी का कारोबार कर रहा है। मामला वाजिदपुर से काटी गई लकड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित लकड़ी के परिवहन और कारोबार के लिए वैध अनुमति थी या नहीं।
DFO के नाम पर कथित अभद्र टिप्पणी से विवाद
आरोप है कि वाजिदपुर की लकड़ी को लेकर पूछताछ किए जाने पर शकील ने वन विभाग की DFO विनीता का नाम लेते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। अधिकारियों को लेकर कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल की बात भी कही जा रही है।
मामले में बिसौली रेंज के एक UPF कांस्टेबल की कथित भूमिका की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि इस संबंध में अभी किसी विभागीय अधिकारी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र जांच जरूरी है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लकड़ी का कारोबार बिना वैध परमिट के किया जा रहा है तो वन विभाग को दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों के खिलाफ कथित टिप्पणी की भी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लकड़ी कारोबार के लिए जरूरी अनुमति थी या नहीं और कथित टिप्पणी के मामले में वास्तविक तथ्य क्या हैं।
रिपोर्ट: संतुलित पाठक, बदायूं
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