हाथ में तिरंगा, जुबान पर OPS की मांग; बरेली में कर्मचारियों ने सरकार को दिया बड़ा संदेश
बरेली में अटेवा के नेतृत्व में हजारों शिक्षक-कर्मचारियों ने तिरंगा यात्रा निकाली। NPS और UPS का विरोध करते हुए कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना OPS बहाल करने की मांग की।

बरेली में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज होता दिखा। अटेवा के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। हाथों में तिरंगा और जुबान पर पुरानी पेंशन की मांग के साथ कर्मचारियों ने NPS और UPS का विरोध किया। यात्रा के दौरान ‘पुरानी पेंशन बहाल करो’ और ‘NPS-निजीकरण भारत छोड़ो’ जैसे नारे लगाए गए।
तिरंगा यात्रा में कई विभागों के कर्मचारी हुए शामिल
NMOPS और ऑल टीचर्स एंड एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आयोजित यात्रा में विभिन्न विभागों के शिक्षक-कर्मचारी शामिल हुए। संगठन ने इसे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और कर्मचारियों की एकजुटता दिखाने का माध्यम बताया। यात्रा में रेलवे, पंचायती राज, विश्वविद्यालय-महाविद्यालय, बेसिक शिक्षा, नर्सिंग, नगर निगम और लेखपाल समेत कई कर्मचारी संगठनों की भागीदारी रही।
NPS-UPS पर सवाल, OPS बहाली की मांग
अटेवा मंडल अध्यक्ष जगदीश गंगवार ने कहा कि संगठन NPS और UPS के बजाय पुरानी पेंशन योजना की बहाली चाहता है। जिला संयोजक डॉ. मुनीष कुमार गंगवार ने यात्रा को राष्ट्रप्रेम और संविधान के सम्मान के साथ कर्मचारियों की आवाज उठाने का माध्यम बताया। जिला कोषाध्यक्ष डॉ. भोले राम प्रजापति ने अलग-अलग पेंशन व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों के लिए समान पेंशन व्यवस्था की मांग रखी। पदाधिकारियों ने कहा कि OPS बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा।
‘सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष’
महिला जिलाध्यक्ष नीतू वर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से आगामी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन कर्मचारी के भविष्य और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। तिरंगा यात्रा में कई शिक्षक और कर्मचारी संगठनों की भागीदारी ने OPS की मांग को लेकर आंदोलन की व्यापकता को रेखांकित किया। अटेवा पदाधिकारियों ने NPS, UPS और निजीकरण के विरोध में संघर्ष जारी रखने की बात कही।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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