पुडुचेरी भारत का है एक खूबसूरत पर्यटन स्थल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भागती सडक़ों और जिंदगी की दौड़भाग से दूर अगर आप शांति की तलाश चाहते हैं तो पुडुचेरी जा सकते हैं। पुडुचेरी भारत का एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है, जहां फ्रेंच वास्तुकला, नीले समुद्र और धीमी जीवनशैली के बीच सुकून वक्त बिता सकते हैं। पुडुचेरी घूमना चाहते हैं तो सबसे बेस्ट समय अक्टूबर से मार्च के बीच का होता है, क्योंकि इस समय वहां सबसे बेहतरीन मौसम देखने को मिलता है। हालांकि अप्रैल से जून तक गर्मी ज्यादा रहती है। वहीं जुलाई से सितंबर के बीच बारिश रहती है लेकिन हरियाली शानदार हो जाती है। ठंडी हवा, समुद्र की नमी और फ्रेंच गलियों का असली जादू सर्दियों में ही दिखता है। आध्यात्मिक स्थल की सैर चाहते हैं तो अरबिंदो आश्रम और आरोविले में मैट्रिमांडिर जाएं। पुडुचेरी का पैराडाइज बीच, प्रोमेनेड बीच और आरो बीच पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। फें्रच विरासत की सैर के लिए वार मेमोरियल और व्हाइट टाउन जरूर जाएं। यहां का मुख्य आकर्षण पुडुचेरी लाइट हाउस, बॉटनिकल गार्डन और भारती पार्क है।

पैराडाइज बीच

पुडुचेरी का पैराडाइज बीच अपनी बेहद मुलायम सुनहरी-सफेद रेत, साफ नीले पानी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध सबसे लोकप्रिय समुद्र तट है। यह मुख्य भूमि से चुन्नंबर बैकवाटर द्वारा अलग है, जिसके कारण यहां केवल नाव (फेरी) के ज़रिए ही पहुंचा जा सकता है। समुद्र तट तक जाने के लिए मैंग्रोव और बैकवाटर के बीच से 10-15 मिनट की खूबसूरत नाव की सवारी करनी होती है। यहां जेट स्की, बनाना बोट राइड, एटीवी राइड और कुछ एडवेंचर स्पोर्ट्स उपलब्ध हैं। यह बीच सूर्योदय देखने और ठंडी समुद्री हवाओं के बीच टहलने के लिए एकदम सही है। यहाँ बैठने के लिए छप्पर वाली झोपडिय़ां भी बनी हुई हैं।

लाइट हाउस

पुडुचेरी में दो प्रसिद्ध लाइट हाउस (प्रकाशस्तंभ) हैं, जो यहां के समृद्ध समुद्री इतिहास और फ्रांसीसी औपनिवेशिक वास्तुकला को दर्शाते हैं। पुराना लाइट हाउस सबसे प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसका निर्माण फ्रांसीसी शासकों द्वारा 1836 में कोरोमंडल तट के पहले लाइट हाउस के रूप में कराया गया था। यह 1979 तक सक्रिय रहा। नया लाइट हाउस वर्तमान में पूरी तरह चालू और आधुनिक लाइट हाउस है। पुराने लाइट हाउस के निष्क्रिय होने के बाद, भारत सरकार द्वारा इसे 1979 में शुरू किया गया था। इसकी ऊंचाई 49 मीटर है। इसकी 130 से अधिक सीढिय़ां चढक़र ऊपर जाने पर पूरे पुडुचेरी शहर और बंगाल की खाड़ी का शानदार एरियल व्यू दिखाई देता है।

अरबिंदो आश्रम

श्री अरबिंदो आश्रम, पुडुचेरी में स्थित एक विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र है। इसकी स्थापना महर्षि अरबिंदो घोष ने 24 नवंबर 1926 को की थी। यह आश्रम आंतरिक शांति, योग और आध्यात्मिक विकास के लिए जाना जाता है। आश्रम के मुख्य प्रांगण में एक बड़ा पेड़ है, जिसके नीचे श्री अरबिंदो और माँ की समाधि स्थित है। यहाँ किसी पारंपरिक धर्म की शिक्षा नहीं दी जाती। यह आश्रम पूर्ण योग पर आधारित है, जो मानव चेतना को बदलने और कर्म को ही पूजा मानने की सीख देता है। परिसर के भीतर पूर्ण शांति बनाए रखनी होती है। मोबाइल का उपयोग और फोटोग्राफी वर्जित है। 3 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।

वार मेमोरियल

पुडुचेरी वार मेमोरियल (फ्रांसीसी युद्ध स्मारक) पुडुचेरी के व्हाइट टाउन में गौबर्ट एवेन्यू (प्रॉमीनेड बीच रोड) पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के ठीक सामने स्थित एक ऐतिहासिक स्मारक है। यह स्मारक मुख्य रूप से प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) के दौरान फ्रांस के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले फ्रांसीसी-भारत के वीर सैनिकों की स्मृति में बनाया गया था। इस स्मारक पर लगी कांस्य पट्टिकाओं पर प्रथम विश्व युद्ध के शहीदों के नाम अंकित हैं। बाद में इसमें द्वितीय विश्व युद्ध, अल्जीरियाई युद्ध और इंडोचाइना में फ्रांसीसी युद्ध के शहीदों के नाम भी जोड़े गए।

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