जातिगत आरक्षण खत्म करने की मांग पर मिर्जापुर में प्रदर्शन, सरकार को दी बड़ी चेतावनी

मिर्जापुर में करणी सेना समेत कई संगठनों ने जातिगत आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः  मिर्जापुर में शनिवार को जातिगत आरक्षण को लेकर राजनीतिक-सामाजिक बहस फिर सड़क पर दिखाई दी। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की जिला इकाई समेत अन्य संगठनों के लोगों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जातिगत आरक्षण समाप्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग की।

कलेक्ट्रेट पर जुटे प्रदर्शनकारी

जिलाध्यक्ष एडवोकेट दिलीप सिंह गहरवार की अध्यक्षता में हुए प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि भारत में सभी नागरिकों को समान अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि मौजूदा जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था के कारण शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में योग्यता के आधार पर अवसर प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर समाज में असंतोष और जातीय विभाजन की स्थिति पैदा हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की।

संसद में कानून लाने की मांग

करणी सेना और सहयोगी संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से जातिगत आरक्षण को समाप्त करने के लिए संसद में विधेयक लाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि आरक्षण व्यवस्था रखी जाती है तो उसका आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होना चाहिए।

वक्ताओं ने शिक्षा, सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अवसरों को लेकर भी अपनी आपत्तियां रखीं। हालांकि, आरक्षण व्यवस्था के समर्थकों का तर्क सामाजिक और ऐतिहासिक रूप से वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व और समान अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहा है।

‘आर्थिक आधार पर दिया जाए आरक्षण’

प्रदर्शनकारियों ने जातिगत भेदभाव और हिंसा खत्म करने की मांग करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की बात कही। ज्ञापन में कहा गया कि सभी नागरिकों की पहचान समान नागरिकता के आधार पर होनी चाहिए।

प्रदर्शन में अभिषेक सिंह धवल, रत्नेश सिंह, आदित्य मिश्रा, उदय प्रताप मिश्रा, शाश्वत सिंह, धर्मेश दुबे, फहीम खान, राजेश कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी, मिर्ज़ापुर

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