तीन महीने में ही टूट गया नाला, पहली बारिश ने खोल दी रामजानकी मार्ग के निर्माण की पोल!

गोरखपुर के रामजानकी मार्ग पर तीन महीने पहले बना नाला पहली बरसात में टूट गया। दीवारें और स्लैब क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर में पहली बारिश ने ही एक नए निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिकरीगंज से पटनाघाट तक चल रहे रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान मोहाल जलकर गांव के पास करीब तीन महीने पहले बनाया गया सड़क किनारे का नाला क्षतिग्रस्त हो गया। नाले की दीवारें टूट गईं और ऊपर पड़ा स्लैब बीच से टूटकर नीचे जा गिरा। स्लैब का सरिया भी बाहर निकल आया है।

पहली बरसात में खुली निर्माण की पोल

बड़हलगंज-पटनाघाट के बीच नाले के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नया बनाया गया नाला कुछ ही महीनों में टूट गया, तो निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्धारित मानकों के पालन की जांच होनी चाहिए।

रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का काम भारद्वाज यूनिबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड करा रही है। हालांकि, निर्माण में किसी अनियमितता की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।

गुणवत्ता की निगरानी पर भी सवाल

नाले के टूटने से सिर्फ निर्माण की मजबूती ही नहीं, बल्कि उसकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने नाले की डिजाइन, गहराई, निर्माण सामग्री और स्लैब की मजबूती की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

लोगों के मुताबिक सड़क निर्माण को लेकर पहले भी सुरक्षा संकेतकों की कमी और धूल नियंत्रण के लिए पानी का पर्याप्त छिड़काव नहीं होने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

पीआईयू मोर्थ की नुसरत खान ने नाला क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी से सरकारी धन के साथ लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए बारिश को वजह मानकर मामला खत्म करने के बजाय तकनीकी जांच के जरिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर

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