किसानों के लिए मैदान में उतरी AAP, किसानों के लिए आर-पार का आंदोलन!
गुजरात में किसानों की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है... AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.. आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी किसानों की मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं.. गढ़वी ने राज्य के कई इलाकों में कम बारिश और उससे पैदा हुए किसान संकट को लेकर भूपेंद्र पटेल सरकार से तत्काल राहत देने की मांग की है.. इसुदान गढ़वी का कहना है कि गुजरात के कई हिस्सों में इस बार बारिश बेहद कम हुई है.. खास तौर पर द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, कच्छ और सौराष्ट्र के कुछ इलाकों के साथ-साथ उत्तर गुजरात के कई क्षेत्रों में भी पर्याप्त बारिश नहीं होने की वजह से किसानों के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं.. बारिश की कमी का सीधा असर खेती और पशुपालन पर पड़ रहा है.. और किसान सरकार से तत्काल राहत की उम्मीद कर रहे हैं..
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि कम बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की स्थिति लगातार मुश्किल होती जा रही है.. खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण फसलों पर संकट मंडरा रहा है.. वहीं, दूसरी तरफ पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है.. ऐसे में AAP प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने सरकार से मांग की है कि.. प्रभावित इलाकों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत के कदम उठाए जाएं.. इसुदान गढ़वी ने मांग की है कि जिन क्षेत्रों में बारिश बेहद कम हुई है.. उन्हें सूखाग्रस्त घोषित किया जाए.. उनका कहना है कि कम बारिश से प्रभावित किसानों को केवल आश्वासन देने के बजाय सरकार को जमीन पर ठोस राहत पहुंचानी चाहिए.. किसानों की परिस्थितियों का आकलन करके प्रभावित इलाकों के लिए विशेष राहत पैकेज.. और जरूरी सहायता उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है..
गढ़वी ने किसानों के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है.. उनका कहना है कि बारिश की कमी का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है.. बल्कि पशुपालकों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है.. ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेती के साथ पशुपालन पर भी निर्भर हैं.. ऐसे में अगर चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती है.. तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है.. इसके अलावा इसुदान गढ़वी ने सौनी योजना के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में पानी छोड़ने की मांग की है.. उनका कहना है कि जहां बारिश की कमी के कारण पानी का संकट पैदा हुआ है.. वहां उपलब्ध जल संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए किसानों को राहत दी जानी चाहिए.. उनका जोर इस बात पर है कि सरकार तत्काल ऐसे कदम उठाए.. जिससे किसानों को सिंचाई और जरूरत के मुताबिक पानी उपलब्ध हो सके..
साथ ही इसुदान गढ़वी ने प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के बिजली बिल माफ करने की मांग भी रखी है.. उनका कहना है कि जब किसान कम बारिश की वजह से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.. और खेती प्रभावित हो रही है.. तब उन पर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए.. सरकार को किसानों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए राहत देने के लिए बिजली बिल माफी पर भी फैसला लेना चाहिए..
इन्हीं मांगों को लेकर इसुदान गढ़वी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं.. उनका कहना है कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.. आम आदमी पार्टी की ओर से यह आंदोलन तब तक जारी रखने की बात कही जा रही है.. जब तक किसानों की मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए जाते.. गुजरात की राजनीति में किसानों का मुद्दा हमेशा महत्वपूर्ण रहा है.. ऐसे में कम बारिश और उससे जुड़ी किसानों की समस्याओं को लेकर AAP का यह आंदोलन राज्य की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है.. आम आदमी पार्टी लगातार किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है..
इसुदान गढ़वी ने सरकार से सवाल किया है कि जब राज्य के कई इलाकों में बारिश की स्थिति चिंताजनक है.. और किसान परेशान हैं, तो सरकार की ओर से तत्काल राहत के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.. उनका कहना है कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए.. सरकार को स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तेजी से निर्णय लेने चाहिए.. द्वारका, जामनगर और पोरबंदर जैसे इलाकों के साथ कच्छ, सौराष्ट्र.. और उत्तर गुजरात के प्रभावित क्षेत्रों का जिक्र करते हुए गढ़वी ने कहा है कि.. कम बारिश वाले इलाकों की स्थिति का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए.. स्थानीय स्तर पर किसानों और पशुपालकों की जरूरतों को समझते हुए राहत की व्यवस्था की जानी चाहिए..
किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता खेती के लिए पानी की है.. बारिश कम होने की स्थिति में सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.. इसी वजह से इसुदान गढ़वी ने सौनी योजना के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की मांग को प्रमुखता से उठाया है.. AAP का कहना है कि सरकार के पास किसानों की मदद करने के लिए संसाधन.. और योजनाएं मौजूद हैं.. इसलिए जरूरत के समय उनका प्रभावी इस्तेमाल किया जाना चाहिए..



