गोवा अग्निकांड के आरोपियों को राहत नहीं, सुप्रीम कोर्ट का 2 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के नाइटक्ल अग्निकांड के 3 सह-मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी. कोर्ट ने HC के आदेश को बरकरार रखा है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने गोवा के नाइटक्ल अग्निकांड के 3 सह-मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी. कोर्ट ने HC के आदेश को बरकरार रखा है.

गोवा के चर्चित नाइट क्लब Birch by Romeo Lane अग्निकांड मामले में तीन सह-मालिकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने सोमवार (31 अगस्त) को बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता को दी गई जमानत रद्द कर दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया.

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता को दो सप्ताह के अंदर अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा.

दिसंबर 2025 में हुआ था भीषण अग्निकांड

6 दिसंबर 2025 की रात उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित बर्च बाय रोमियो लेन ( Birch by Romeo Lane) नाइट क्लब में भीषण आग लग गई थी. इस दर्दनाक हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए ते. यह क्लब ‘मेसर्स बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी अरपोरा एलएलपी’ द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसमें लूथरा बंधु और अजय गुप्ता भागीदार थे. इस हादसे से देशभर को झकझोर कर रख दिया था.

पुलिस जांच में सामने आया था कि क्लब के पास जरूरी सुरक्षा मंजूरियां नहीं थीं, साथ ही वहां पर्याप्त अग्निशमन उपकरण भी मौजूद नहीं थे.जांच के मुताबिक, क्लब में बिना जरूरी सुरक्षा इंतजामों के एक इनडोर फायर शो आयोजित किया गया था, जिसके दौरान आग भड़क गई. पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट वैध ट्रेड लाइसेंस के बिना संचालित किया जा रहा था.

आग के बाद थाईलैंड भाग गए थे लूथरा बंधु

आग लगने के कुछ घंटों बाद ही लूथरा बंधू थाईलैंड भाग गए थे. बाद में दोनों को थाईलैंड से भारत लाया गया और गोवा पुलिस ने गिरफ्तार किया. उन्हें अन्य साझेदारों, क्लब के प्रबंधक, कार्यक्रम आयोजकों और कर्मचारियों के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत गैर इरादतन हत्या, गों की जान को खतरे में डालने और आग के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

हाईकोर्ट ने अगस्त में रद्द की थी जमानत

बाद में उत्तरी गोवा के मापुसा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी. गुप्ता को 23 मार्च को जमानत मिल गई थी, जबकि लूथरा बंधुओं को 1 अप्रैल को जमानत मिली थी. इसके बाद राज्य सरकार ने इसी मामले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की. सरकार ने सत्र अदालत के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी. 19 अगस्त को जस्टिस नीला गोखले ने राज्य सरकार की अपील स्वीकार करते हुए तीनों आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी.

सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

इसके बाद आरोपियों ने जमानत रद्द किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. वहीं अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली. कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है.आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, श्याम दीवान और सिद्धार्थ दवे पेश हुए. वहीं गोवा सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पैरवी की.

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