राहुल गांधी पर FIR से गरमाई सियासत, कांग्रेस का उत्तराखंड से दिल्ली तक हल्लाबोल
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने की मांग करते हुए बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने देहरादून में पुलिस मुख्यालय तक मार्च किया और DGP को ज्ञापन भी सौंपा. वहीं बीजेपी भी हमलावर है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने की मांग करते हुए बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने देहरादून में पुलिस मुख्यालय तक मार्च किया और DGP को ज्ञापन भी सौंपा. वहीं बीजेपी भी हमलावर है.
उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज होती जा रही है. ‘शुद्धिकरण’ से जुड़े मामले पर टिप्पणी के लेकर हल्द्वानी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद मामला गरमा गया है.
कांग्रेस का कहना है कि ‘शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं दर्ज किया जा रहा है. एफआईआर से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है. अब कांग्रेस देहरादून में सचिवालय तक मार्च करेगी. वहीं दिल्ली में भी हलचल रहेगी और पार्टी बीजेपी के खिलाफ सड़क पर उतरेगी.
शुद्धीकरण को लेकर कल सोमवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जोरदार जुबानी जंग चली. बीजेपी ने कांग्रेस पर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया और राहुल को देश का सबसे बड़ा दलित विरोधी नेता करार दिया. बीजेपी की यह प्रतिक्रिया तब आई, जब कांग्रेस ने सत्ताधारी पार्टी पर राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर तीखा हमला बोला.
पुलिस मुख्यालय तक कांग्रेस का मार्च
राहुल के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने की मांग करते हुए 200 से अधिक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने देहरादून में पुलिस मुख्यालय तक मार्च किया और उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को एक ज्ञापन भी सौंपा. साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे पूरे राज्य में धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे. पार्टी आज देहरादून में सचिवालय तक मार्च करने जा रही है.
इससे पहले उत्तराखंड पुलिस ने रविवार रात वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य और श्री राम सेना धर्मस्व सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार की शिकायत के आधार पर कांग्रेस नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इस समूह ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने उन लोगों से संपर्क किए बिना ही आरोप लगा दिए कि वे “अनुसूचित जाति-विरोधी” हैं और “छुआछूत को मानते हैं”. राहुल ने यह आरोप भी लगाया कि यह छुआछूत का ही एक रूप है.
केरल, झारखंड और तेलंगाना में असर
यह मामला दूसरे राज्यों में भी पहुंच गया है. केरल, झारखंड, तेलंगाना समेत कई राज्यों में कांग्रेस ने एफआईआर को लेकर बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया. युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कल तेलंगाना में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और पिछले गेट पर काला रंग फेंक दिया.
इसी तरह कांग्रेस की झारखंड इकाई ने भी कल रांची में विरोध मार्च निकाला और राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की आवाज दबाने की एक साजिश है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अगुवाई में कांग्रेस भवन से अल्बर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला गया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका.
CM सतीशन बोले- राहुल पर FIR चिंताजनक
वहीं केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भी शुद्धीकरण से जुड़े विवाद को लेकर उत्तराखंड सरकार की निंदा की. सतीशन ने X पर एक पोस्ट में कहा, उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ FIR बेहद चिंताजनक है.
दूसरी ओर, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने उत्तराखंड पुलिस की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के नेता द्वारा दलितों के साथ अन्याय, अपमान और भेदभाव का मुद्दा उठाए जाने के 24 घंटे के अंदर ही उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई.
दिल्ली में भी कांग्रेस का प्रदर्शन आज
देवेंद्र यादव ने कहा कि राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद रैली स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण करने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. छुआछूत संविधान के तहत दंडनीय अपराध है, ऐसे में शुद्धिकरण करने और अपमान करने वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता आज मंगलवार को दिल्ली के सभी 14 संगठनात्मक जिलों में बीजेपी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे. प्रदर्शन में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया गया है.
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एक आम नागरिक की शिकायत पर FIR दर्ज की गई, लेकिन संविधान में वर्णित अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर केंद्र सरकार चुप है. बीजेपी शासित राज्यों में RSS की विचारधारा के अनुरूप काम किया जा रहा है.
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक जनसभा के 3 दिन बाद, 11 अगस्त को कुछ लोगों ने कथित तौर पर शुद्धीकरण यज्ञ का आयोजन किया जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. शुद्धीकरण को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर हमला किया और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ एक्शन की मांग की. लेकिन कांग्रेस नेता के खिलाफ ही SC-ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करा दी गई.



