बांदा में बारिश बनी आफत, भरभराकर गिरा गरीब का कच्चा मकान; मलबे में दब गई पूरी गृहस्थी

बांदा के मवई बुजुर्ग में भारी बारिश के बीच कच्चा मकान गिर गया। सिलाई मशीन, अनाज, कपड़े और दो साइकिलें मलबे में दब गईं। परिवार ने प्रशासन से आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था मांगी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा में लगातार हो रही बारिश अब कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव में भारी बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार के सदस्य बाहर थे, जिससे सभी बाल-बाल बच गए। हालांकि मकान गिरने से उनकी पूरी गृहस्थी मलबे में दब गई और परिवार के सामने रहने के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

कुछ ही पलों में मलबे में दब गई गृहस्थी

मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में सिलाई मशीन, अनाज, कपड़े और सिलाई से जुड़ा सामान मलबे में दब गया। परिवार की दो साइकिलें भी मकान के मलबे की चपेट में आ गईं।

पीड़ित गृहस्वामी अजय पाल उर्फ महेंद्र वर्मा ने बताया कि वह घर पर सिलाई का काम करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में मकान के साथ सिलाई मशीन और जरूरी सामान का दब जाना उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका है।

बाल-बाल बचा परिवार, अब रहने का संकट

परिवार के लोग हादसे के समय बाहर होने के कारण सुरक्षित बच गए। लेकिन मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। बारिश के मौसम में उनके सामने सुरक्षित ठिकाने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कराने की मांग की है।

प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने और रहने की व्यवस्था कराने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित को तत्काल राहत और नियमानुसार सहायता दिलाने की मांग की है।

लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है कि प्रभावित परिवार तक राहत कितनी जल्दी पहुंचती है।

रिपोर्ट: इकबाल खान, बांदा

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