चार साल बाद GDA को याद आया आम आदमी? गंभीरनाथ प्रेक्षागृह का किराया 79% तक घटा
गोरखपुर के गंभीरनाथ प्रेक्षागृह का किराया 69 से 79 फीसदी तक घटा दिया गया। जमानत राशि भी कम हुई। अब सवाल है कि पुराने महंगे किराए पर कितनी बुकिंग हुई थी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर में जिस गंभीरनाथ प्रेक्षागृह को आमजन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए बनाया गया था, उसकी कीमत अब अचानक काफी कम हो गई है। जीडीए ने बड़े ऑडिटोरियम का किराया 4.13 लाख से घटाकर 1.298 लाख रुपये और छोटे ऑडिटोरियम का किराया 2.242 लाख से घटाकर 47,200 रुपये कर दिया है। कटौती के बाद इसे जनसुलभ बनाने की कोशिश बताई जा रही है, लेकिन इसी फैसले ने पुराने किराए पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
किराया घटा तो आम आदमी के लिए खुला ‘जनमंच’
गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के बड़े ऑडिटोरियम के किराए में करीब 69 प्रतिशत और छोटे ऑडिटोरियम में करीब 79 प्रतिशत की कमी की गई है। जीडीए बोर्ड ने नए किराए को मंजूरी दे दी है। दोनों दरों में जीएसटी और स्थिर विद्युत व्यय शामिल हैं।
अब बड़े हाल के लिए 1.298 लाख और छोटे के लिए 47,200 रुपये देने होंगे। यानी सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए मंच तो वही है, लेकिन जेब पर बोझ काफी कम हो गया है।
जमानत राशि भी घटी, खाली हालों की भी बुकिंग
किराए के साथ जमानत राशि में भी बड़ी कटौती हुई है। बड़े ऑडिटोरियम की दो लाख रुपये की जमानत अब 50 हजार और छोटे की एक लाख से घटकर 20 हजार रुपये होगी।
प्रथम तल के दो हाल भी अब बुक किए जा सकेंगे। प्रत्येक का किराया 29,500 रुपये और लॉन का किराया 17,700 रुपये तय किया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के मुताबिक कम किराए से बुकिंग बढ़ने की उम्मीद है।
अब सबसे बड़ा सवाल, इतनी देर क्यों?
करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रेक्षागृह का लोकार्पण 21 मार्च 2021 को हुआ था। बड़े हाल में 1012 और छोटे में 275 लोगों के बैठने की क्षमता है।
अब जब जीडीए को कम किराए पर ज्यादा बुकिंग की उम्मीद है, तो सवाल यह भी है कि पुराने 4.13 लाख और 2.242 लाख रुपये के किराए पर अब तक कितनी बुकिंग हुई? प्रेक्षागृह की क्षमता का कितना इस्तेमाल हुआ? इन आंकड़ों से ही पता चलेगा कि पुरानी दरें कितनी व्यावहारिक थीं। फिलहाल इतना जरूर है कि चार साल बाद ‘जनमंच’ की कीमत आम आदमी की जेब के करीब आती दिख रही है।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
यह भी पढ़ें: ADG नवीन अरोड़ा ने मां विंध्यवासिनी से मांगा आशीर्वाद, मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था भी देखी



