Air India Flight: पायलट के ड्रग टेस्ट ने उड़ाए होश, रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली बात

एयर इंडिया AI-2379 फ्लाइट में हाइड्रोलिक फेलियर से बड़ा हादसा टला. 145 लोग सवार थे जिनमें कुछ घायल हुए. प्रारंभिक रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि कैप्टन का साइको-एक्टिव सब्सटेंस टेस्ट 'नॉन-नेगेटिव' आया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एयर इंडिया AI-2379 फ्लाइट में हाइड्रोलिक फेलियर से बड़ा हादसा टला. 145 लोग सवार थे जिनमें कुछ घायल हुए. प्रारंभिक रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि कैप्टन का साइको-एक्टिव सब्सटेंस टेस्ट ‘नॉन-नेगेटिव’ आया है.

Air India की Airbus A320-251N फ्लाइट AI-2379 4 अगस्त 2026 को Phuket से Delhi आ रही थी. इसमें आई दिक्कतों के बाद इसकी प्रेलिमिनरी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पायलट के जांच में नशीले पदार्थ के संकेत मिले हैं.

इस विमान में कुल 145 लोग थे. जिनमें 137 यात्री, 6 केबिन क्रू और 2 पायलट शामिल थे. विमान FL360 (लगभग 36,000 फीट) की ऊंचाई पर उड़ रहा था. अचानक ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम का प्रेशर खत्म हुआ, इसके कुछ सेकंड बाद ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम में भी लॉस डिटेक्ट हुआ. इसके बाद ऑटोपायलट बंद हो गया और कुछ सेकंड के लिए स्टाल वार्निंग भी आई.

विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव हुआ. पहले करीब 372 फीट ऊपर गया और फिर 292 फीट नीचे आया. कुछ ही सेकंड में Blue, Yellow और Green hydraulic systems वापस recover हो गए और flight controls सामान्य हो गए. उस समय सीट बेल्ट साइन बंद था, इसलिए कुछ यात्री और केबिन क्रू घायल हुए.

पायलट्स ने विमान को रास्ते के नजदीकी एयरपोर्ट पर डाइवर्ट करने के बजाय दिल्ली ले जाने का फैसला किया. दिल्ली पहुंचने पर 24 लोगों को मेडिकल सहायता दी गई. इनमें 20 यात्री और 4 केबिन क्रू थे. इनमें से 20 को मामूली चोटों के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. विमान की केबिन में कई जगह नुकसान हुआ, खासकर overhead bins, ceiling panels, handrails और इमरजेंसी एग्जिट हैंडल में ये नुकसान देखा गया.

जांच में नशे की पुष्टि

एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान के मुख्य पायलट की जांच में मादक पदार्थ के सेवन की पुष्टि होना गंभीर चिंता का विषय है और उसने नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की.

एएआईबी ने अपनी अंतरिम सुरक्षा सिफारिश में कहा, “चालक दल के एक सदस्य की मन:प्रभावी पदार्थ संबंधी जांच रिपोर्ट निगेटिव नहीं आने के मद्देनजर डीजीसीए से ऐसे पदार्थों के इस्तेमाल को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की जाती है.”

एडवर्स वेदर report नहीं किया’

घटना से पहले विमान MEL के तहत PTU से संबंधित एक आइटम के साथ ऑपरेट कर रहा था. जांच के दौरान फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉक्डपिट वॉइस रिकॉर्डर का data हासिल कर लिया गया है. Airbus के technical experts ने भी विमान का inspection किया और hydraulic components व fluid sample आगे की जांच के लिए लिया गया.

मौसम खराब होने की जानकारी नहीं थी. पायलट और ATC ने कोई एडवर्स वेदर report नहीं किया था. जांच में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई की कैप्टेन का psycho-active substance test non-negative आया.

AAIB ने इस मामले में DGCA को psycho-active substances के दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की अंतरिम सिफारिश की है. हादसे की अंतिम वजह अभी तय नहीं हुई है. तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच जारी है और फाइनल रिपोर्ट बाद में जारी होगी. प्रेलिमिनरी रिपोर्ट में अभी विमान की hydraulic समस्या की अंतिम वजह नहीं बताई गई है, लेकिन कैप्टेन के psycho-active substance test में non-negative result को AAIB ने गंभीर चिंता बताया है.

‘एयरलाइन जांच में पूरा सहयोग कर रही’

एयर इंडिया की AI-2379 विमान हादसे की प्रिलिमनरी रिपोर्ट पर एयरलाइंस के प्रवक्ता का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि एयर इंडिया ने AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी होने का संज्ञान लिया है. एयरलाइन जांच में पूरा सहयोग कर रही है. जांच एजेंसी को सभी जरूरी ऑपरेशनल, मेंटेनेंस और तकनीकी रिकॉर्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

एयर इंडिया के अनुसार, सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. एयरलाइन के पायलटों को नियमित रूप से कठोर ट्रेनिंग, प्रोफिशिएंसी चेक और मेडिकल जांच से गुजरना पड़ता है. ये जांच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं नियामक मानकों के अनुसार होती हैं.

घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने 100% पायलटों की स्वैच्छिक टेस्टिंग शुरू की है. एयरलाइन ने सुरक्षा, फिटनेस या नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है. जहां भी जरूरत होगी, उचित कार्रवाई की जाएगी. जांच से आने वाली सिफारिशों को लागू करने के लिए एयर इंडिया प्रतिबद्ध है.

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