महिलाओं से बुजुर्गों तक… बरेली में आ रहा बड़ा प्लान, सरकारी जमीन पर बनेंगी ये सुविधाएं
बरेली में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग हॉस्टल, बुजुर्गों के लिए दादा-दादी पार्क और मल्टीलेवल पार्किंग की तैयारी है। सरकारी जमीन का सर्वे कर योजनाओं के लिए स्थान चिह्नित होगा।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बरेली शहर में खाली पड़ी सरकारी जमीन अब लोगों की जरूरतों के काम आ सकती है। प्रशासन ने कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित वर्किंग वुमेन हॉस्टल, आश्रयहीन बुजुर्गों के लिए दादा-दादी पार्क, मल्टीलेवल पार्किंग और थीम आधारित पार्क विकसित करने की तैयारी शुरू की है। प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी इसमें शामिल है।
सरकारी जमीन का फिर होगा सर्वे
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अधिकारियों को योजनाओं के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए। नगर सीलिंग की अतिरिक्त भूमि के साथ बरेली विकास प्राधिकरण को पहले आवंटित जमीन का भी दोबारा सर्वे कराया जाएगा। इसमें जमीन की स्थिति, क्षेत्रफल और उपयोग की संभावनाओं का आकलन होगा।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खास योजना
नौकरी और रोजगार के लिए बरेली में रहने वाली महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्किंग वुमेन हॉस्टल की योजना बनाई जा रही है। स्थान चुनते समय सुरक्षा, आवागमन और जरूरी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं आश्रयहीन बुजुर्गों के लिए सामान्य वृद्धाश्रम की जगह दादा-दादी पार्क विकसित करने का विचार है। यहां रहने के साथ बुजुर्गों के लिए बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
मल्टीलेवल पार्किंग और थीम पार्क भी प्रस्तावित
शहर के व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे पार्किंग की समस्या को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण और रामायण वाटिका की तर्ज पर अलग-अलग थीम वाले पार्क विकसित करने की तैयारी है।
डीएम ने अधिकारियों से केवल प्रस्ताव तैयार करने के बजाय जमीन, उपयोगिता और व्यवहारिकता का आकलन कर ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, BDA उपाध्यक्ष सौम्या पांडे समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली
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