बदायूं में किसानों का हल्लाबोल! कर्जमाफी की मांग को लेकर तहसील में भाकियू टिकैत का धरना
बदायूं के सहसवान तहसील परिसर में भाकियू टिकैत ने किसानों की कर्जमाफी समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बदायूं के सहसवान में मंगलवार को किसानों की आवाज तहसील परिसर तक पहुंची। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष रमाशंकर शंखधार ने किया। किसानों ने कर्जमाफी को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए सरकार से तत्काल राहत की मांग उठाई।
कर्जमाफी को लेकर किसानों ने उठाई आवाज
धरने के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसानों पर कर्ज का बोझ लगातार बना हुआ है। उनका आरोप था कि बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए जाते हैं, जबकि किसानों को कर्ज से राहत देने के बजाय कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
भाकियू नेताओं ने इसे किसानों के साथ दोहरी नीति बताते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से किसानों का कर्ज माफ करने और उनकी अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
तहसील परिसर में जुटे किसान
सहसवान तहसील परिसर में हुए प्रदर्शन में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। भाकियू नेताओं ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ठोस राहत का इंतजार है।
धरने के दौरान सरकार से किसानों की आर्थिक परेशानियों को गंभीरता से लेने और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय करने की अपील की गई।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा व्यापक
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठन पीछे नहीं हटेगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और कर्जमाफी समेत अन्य समस्याओं के जल्द समाधान की मांग दोहराई।
रिपोर्ट: संतुलित पाठक (बदायूं)
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