गुजरात कांग्रेस के लिए खास क्यों, सुरजेवाला ने बताई वजह
गुजरात कांग्रेस के लिए इतना खास क्यों है... कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात को लेकर पार्टी की रणनीति और महत्व पर बात की...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात को लेकर बड़ा बयान दिया है.. उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस के लिए सिर्फ एक राज्य नहीं.. बल्कि प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है.. सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात की धरती से कांग्रेस की विचारधारा को नई दिशा मिली.. और पार्टी के लिए गुजरात और कांग्रेस एक-दूसरे के पर्याय हैं.. हाल ही में गुजरात के प्रभारी कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी संभालने वाले सुरजेवाला ने भरोसा जताया कि पार्टी अपने कार्यकर्ताओं.. और सहयोगियों के साथ मिलकर राज्य में विकास, प्रगति, सद्भाव.. और भाईचारे की राह को और मजबूत करेगी.. उन्होंने कहा कि कांग्रेस मिलकर एक नए गुजरात के निर्माण की दिशा में काम करेगी.. और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा..
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुजरात की ऐतिहासिक और राजनीतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह महात्मा गांधी.. और सरदार वल्लभभाई पटेल की धरती है.. उन्होंने कहा कि गुजरात सिर्फ राजनीतिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है.. बल्कि कांग्रेस की विचारधारा और उसके मूल सिद्धांतों के लिहाज से भी इसका विशेष महत्व है.. सुरजेवाला के मुताबिक, कांग्रेस की विचारधारा गुजरात की मिट्टी से निकली है.. और इसी वजह से पार्टी के लिए गुजरात का स्थान बेहद खास है.. उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए गुजरात केवल देश का एक राज्य नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है.. सुरजेवाला ने यह भी कहा कि गुजरात में कांग्रेस की विचारधारा की जड़ें काफी गहरी हैं.. और पार्टी इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य में आगे बढ़ने का प्रयास करेगी..
सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात वह भूमि है, जहां कांग्रेस की विचारधारा ने जन्म लिया.. और जहां से देश को सत्य, अहिंसा, एकता.. और सामाजिक सद्भाव जैसे विचारों की ताकत मिली.. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या राजनीतिक संगठन को मजबूत करना नहीं है.. बल्कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना भी है.. उन्होंने भरोसा जताया कि गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और सहयोगियों के साथ मिलकर पार्टी राज्य में विकास.. और प्रगति की नई राह तैयार करेगी.. सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस गुजरात में सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने के लिए लगातार काम करेगी.. उनके मुताबिक, संगठन की ताकत कार्यकर्ताओं से आती है.. और आने वाले समय में पार्टी जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय करने पर जोर देगी..
दरअसल, रणदीप सिंह सुरजेवाला को हाल ही में गुजरात का प्रभारी कांग्रेस महासचिव नियुक्त किया गया है.. पार्टी की ओर से किए गए संगठनात्मक बदलावों के तहत उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है.. गुजरात में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने.. और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को तैयार करने में सुरजेवाला की भूमिका अहम मानी जा रही है.. गुजरात की नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उनके पास कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी बनी रहेगी.. यानी सुरजेवाला अब एक साथ गुजरात और कर्नाटक में पार्टी संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभालेंगे.. पार्टी नेतृत्व ने उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए गुजरात की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है..
कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल में कई अन्य बड़े नेताओं को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.. पार्टी के संगठन में किए गए बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं.. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक.. पार्टी ने सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है.. वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी महासचिव बनाया गया है.. इसके अलावा भूपेश बघेल को असम का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है.. पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है.. इन नियुक्तियों को कांग्रेस की राज्यवार संगठनात्मक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है..
कांग्रेस की ओर से किए गए इन बदलावों में कई अन्य नेताओं को भी अहम जिम्मेदारियां मिली हैं.. सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है.. जबकि सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है.. वहीं, पीवी मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है.. पार्टी के इस फेरबदल का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के संगठन को अधिक प्रभावी बनाना.. और स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को गति देना है.. कांग्रेस नेतृत्व लगातार संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है.. नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को राज्यों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने, संगठन की स्थिति का आकलन करने.. और स्थानीय स्तर पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी.



