बाढ़ का पानी उतरा, अब बीमारियों का खतरा

डर के साये में आम लोग, फैजुल्लागंज में दिन-रात डटा नगर निगम

  • नगर आयुक्त की निगरानी में राहत के बाद सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
  • सेक्टरवार तय हुई जिम्मेदारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बाढ़ का पानी उतरने के बाद फैजुल्लागंज में लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन अब गंदगी और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा नई चुनौती बनकर सामने है। ऐसे में लखनऊ नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर अधिकारी और कर्मचारी मैदान में उतरकर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे हैं। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता और जोनल अधिकारी अजीत राय की निगरानी में मिल्लत नगर, दाऊद नगर समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, नालियों की सफाई, कीचड़ हटाने और एंटी लार्वा छिडक़ाव का काम कराया जा रहा है।
बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने से लेकर पानी उतरने के बाद सामान्य जनजीवन बहाल करने तक नगर निगम की जिम्मेदारी लगातार बनी हुई है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जलस्तर कम हो चुका है, वहां मड पंप के माध्यम से डीसिल्टिंग कराई जाए। सडक़ों, गलियों और नालियों में जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को प्राथमिकता से हटाया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान को व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने जीआईएस मैपिंग के आधार पर कार्ययोजना तैयार की है। जोन-3 और जोन-6 के प्रभावित इलाकों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर अधिकारियों, सुपरवाइजरों और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के बीच समन्वय बनाकर कार्य कराए जा रहे हैं। जरूरत के अनुसार अन्य जोनों से अतिरिक्त मानवबल जुटाने के साथ एलएसए और एलएसजी के कर्मचारियों की सेवाएं लेने की भी व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य प्रभावित गलियों में सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।

बाढ़ के बाद संक्रमण कोरोकना प्राथमिकता

बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा गंदगी और रुके हुए पानी से मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रमणों की रोकथाम के लिए सफाई, एंटी लार्वा छिडक़ाव और फॉगिंग जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का प्रभावी उपयोग करते हुए सफाई कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मड पंप से डीसिल्टिंग, नालियों की सफाई, कीचड़ हटाने और दवा छिडक़ाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फैजुल्लागंज में अब चुनौती केवल बाढ़ के पानी से राहत दिलाने की नहीं, बल्कि प्रभावित इलाकों को साफ-सुथरा बनाकर जनजीवन सामान्य करने की भी है। नगर निगम का अभियान इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नगर निगम के अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता और जोनल अधिकारी अजीत राय की निगरानी में अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में केवल सडक़ों की सफाई ही नहीं, बल्कि नालियों से गाद निकालने, जमा कीचड़ हटाने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जलस्तर घटने के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सफाई टीमों को लगाया जा रहा है, जिससे लोगों को जल्द सामान्य परिस्थितियां मिल सकें।

ड्रोन से छिडक़ाव, दुर्गम स्थानों तक पहुंची दवा

बाढ़ के बाद मच्छरों के पनपने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने एंटी लार्वा छिडक़ाव के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया है। निगम के अनुसार, जोन-3 और जोन-6 में अब तक कुल 80 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एंटी लार्वा का छिडक़ाव कराया गया है। इस तकनीक से उन स्थानों तक भी दवा पहुंचाने में मदद मिल रही है, जहां सामान्य तरीके से छिडक़ाव करना कठिन है।जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र में लोहरामऊ, पतंग मैदान, गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में ड्रोन से दवा का छिडक़ाव कराया गया। घैला रोड पर टैंकर की सहायता से एंटी लार्वा का छिडक़ाव किया गया। वहीं, दाऊद नगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग पाउडर का छिडक़ाव करने के साथ सफाई और झाडिय़ों की कटाई भी कराई गई।

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