जामिया में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, गेट तोड़ने और CCTV कनेक्शन काटने का आरोप

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा कर चुका है, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक गुट अब चुनाव की तारीखों और पूरी समयसीमा की घोषणा करने की मांग कर रहा है।

इसी बीच विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि 27 अक्टूबर की रात परिसर में गेट तोड़ा गया और CCTV कैमरों के कनेक्शन काट दिए गए। इस घटना के बाद जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर चल रहा विवाद और बढ़ गया है। एक ओर छात्र चुनाव की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने परिसर में तोड़फोड़ होने का आरोप लगाया है।

छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

छात्रों का कहना है कि केवल चुनाव कराने की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है। चुनाव कब होंगे और उनकी प्रक्रिया किस समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी, इसकी जानकारी भी दी जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्रों का एक गुट प्रदर्शन जारी रखे हुए है।

27 अक्टूबर की रात हुई कैंपस में तोड़फोड़

जामिया प्रशासन ने बयान जारी कर का है कि 27 अक्टूबर की रात को कैंपस में व्यापक तोड़फोड़ का मामला सामने आया है. प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि यूनिवर्सिटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा में गंभीर चुनौती की घटनाएं निराशाजनक और चिंताजनक है.

जारी बयान के अनुसार कैंपस की दीवारों पर हमले की सूचना मिलने पर, प्रॉक्टोरियल टीम और शिक्षक तुरंत कैंपस पहुंचे. वहां उन्होंने देखा कि प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स और स्थानीय लोगों के समूहों ने यूनिवर्सिटी के गेटों और दीवारों में तोड़फोड़ की है, गेट नंबर 4 C को गिरा दिया है और पत्थर फेंके हैं.

जारी बयान के अनुसार प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने CCTV कंट्रोल रूम तथा कैमरों को नुकसान पहुंचाकर उनके कनेक्शन काट दिए हैं. बयान में दावा किया गया है कि नकाबपोश प्रदर्शनकारियों का एक समूह और लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए यूनिवर्सिटी के बॉयज हॉस्टल तक भी पहुंच गया था.

लोहे की मोटी छड़ों का हुआ इस्तेमाल

जामिया प्रशासन ने जारी बयान में वायरल वीडियो का भी जिक्र किया है, जोप्रदर्शनकारी की तरफ से पोस्ट किए गए हैं. बयान के अनुसार इन वीडियो में यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है.

बयान में कहा गया है किवीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि यूनिवर्सिटी के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए लोहे की मोटी छड़ों, हथौड़ों और अन्य औजारों का इस्तेमाल किया गया है, यह सब तब हुआ, जब 24 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार यूनिवर्सिटी पहले ही ऑनलाइन मोड में शिफ्ट हो चुका था.

सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं

जामिया प्रशासन ने जारी बयान में कहा है कि तोड़फोड़ की इन तस्वीरों को देखकर, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्यों ने गहरा दुख और निराशा जताई है. तोड़फोड़ की इन घटनाओं ने स्टूडेंट्स, शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं. कैंपस में एक सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए यूनिवर्सिटी का बुनियादी ढांचा, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, सुरक्षा प्रणालियां, और आने-जाने के रास्ते बहुत महत्वपूर्ण हैं.

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