नोटिस के नाम पर मांगे एक लाख रुपये? विजिलेंस ने प्रदूषण विभाग के JE को दबोचा
बांदा में विजिलेंस टीम ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के जूनियर इंजीनियर सलमान को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ग्रेनाइट क्रेशर संचालक की शिकायत पर टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सरकारी दफ्तर में काम कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप एक बार फिर सामने आया है। बांदा में विजिलेंस टीम ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर सलमान को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक ग्रेनाइट क्रेशर प्लांट संचालक को नोटिस भेजकर कार्यालय बुलाया गया और उससे रकम की मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जांच की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की।
नोटिस भेजकर एक लाख रुपये मांगने का आरोप
पूरा मामला बांदा स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय का है। जानकारी के मुताबिक, एक ग्रेनाइट क्रेशर प्लांट संचालक ने विजिलेंस टीम से शिकायत की थी कि उससे रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप है कि व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजकर उसे कार्यालय में तलब किया गया और कथित तौर पर एक लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया।
विजिलेंस ने जाल बिछाकर जेई को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद बांदा-झांसी सेक्टर की विजिलेंस टीम ने गोपनीय तरीके से जांच की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध ढंग से जाल बिछाया। इसी दौरान जूनियर इंजीनियर सलमान को कथित तौर पर एक लाख रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया। टीम ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी जेई को लेकर कोतवाली नगर पहुंची। यहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई की खबर से क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय में हलचल मच गई। फिलहाल मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्ट- इक़बाल खान, बांदा
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