देश में रैलियों को लेकर मचा सियासी शोर
सत्ता पक्ष व विपक्ष में वार-पलटवार

- पूरे देश के नागरिक सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाना चाहते है : सिब्ब्ल
- कांग्रेस व राजद ने भाजपा को घेरा
- भाजपा को रैलियों का नाम हमें बचाओ रखना चाहिए : सिब्बल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश में रैलियां चल रही हैं। विपक्ष तो सरकार की नाकामी के खिलाफ रैली निकाल रहा है वहीं सत्ता पक्ष भी रैली निकाल रही है। दोनो ओर इसको लेकर सियासत गरमाई हुई है। जहां भाजपा ने विपक्ष की रैली को फ्लाप बताया है तो वहीं रास सांसद कपिल सिब्बल ने तंत्र नहीं, हमें बचाओ कह कर भाजपा पर तंज कसते हुए उसकी रैली पर टिप्पणी की हैं। वहीं राजद नेता तेजस्वी ने कें द्रीय मंत्री रिजिजू पर निशाना साधा है। इंडिया ब्लॉक की वोट बचाओ, देश बचाओ रैली में पांच से छह लाख लोगों के जुटने का दावा करते हुए कपिल सिब्बल ने भाजपा पर तंज कसा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी रैलियों का नाम हमें बचाओ रखना चाहिए। सिब्बल ने जंतर-मंतर की हिंसा और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का शांतिपूर्ण तरीके से जुटना दिखाता है कि देश के नागरिक सरकार के खिलाफ अपनी आवाज उठाना चाहते हैं। सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि अब उसे अपनी रैलियों का नाम लोकतंत्र बचाओ या देश बचाओ रखने के बजाय हमें बचाओ रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की रैली में जुटी भीड़ से चिंतित है। कपिल सिब्बल ने कहा कि रामलीला मैदान में हुई रैली में उनके अनुमान के मुताबिक पांच से छह लाख लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि कनॉट प्लेस और उससे जुडऩे वाली आसपास की सडक़ों पर पूरी तरह जाम लगा हुआ था और कहीं भी खाली जगह दिखाई नहीं दे रही थी। सिब्बल के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की रैली में लोग शांतिपूर्वक शामिल हुए और हिंसा की कोई घटना नहीं हुई।
जंतर-मंतर पर हुई हिंसा को लेकर सिब्बल ने क्या सवाल उठाए?
सिब्बल ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वहां युवा शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो हिंसा किसने भडक़ाई। सिब्बल ने सरकार से इस घटना की जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पत्थरों से भरा ट्रक लाया गया था और कुछ लोग बिना वर्दी के वहां मौजूद थे। उन्होंने सवाल किया कि ट्रक कौन लाया था और सादे कपड़ों में मौजूद वे लोग कौन थे। सिब्बल ने दावा किया कि सरकार को इन सवालों के जवाब पता हैं, लेकिन वह जांच नहीं कराएगी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसकी राजनीति में हिंसा भडक़ाने, लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के बाद युवाओं को ही जिम्मेदार ठहराने का तरीका अपनाया जाता है।



