गुजरात में अवैध शराब का खेल, हर्ष संघवी के इस्तीफे की मांग पर AAP का हमला

गुजरात में अवैध शराब के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है... AAP का आरोप है कि अवैध शराब के...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में अवैध शराब के कारोबार और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.. पार्टी का आरोप है कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद कई इलाकों में अवैध शराब की बिक्री खुले तौर पर जारी है.. इस कारोबार की वजह से कई परिवारों ने अपने लोगों को खोया है.. और कई लोग आज भी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं..

आम आदमी पार्टी का कहना है कि जब राज्य में शराबबंदी की नीति लागू है.. तो इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में अवैध शराब आखिर बाजार तक कैसे पहुंच रही है.. पार्टी ने कानून-व्यवस्था और शराबबंदी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी से जिम्मेदारी लेने.. और अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है.. भावनगर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है.. पार्टी के अनुसार इस घटना में दस से अधिक लोगों की मौत हुई है.. और कई लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे हैं.. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है.. कि आखिर गुजरात में अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है..

वहीं यह घटना सिर्फ एक इलाके तक सीमित सवाल नहीं है.. गुजरात में पहले भी अवैध शराब से जुड़ी कई घटनाएं सामने आती रही हैं.. हर बार ऐसी घटनाओं के बाद सरकार और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की बात कही जाती है.. लेकिन विपक्ष का आरोप है कि कुछ समय बाद मामला फिर शांत हो जाता है.. और अवैध शराब का कारोबार दोबारा शुरू हो जाता है.. आम आदमी पार्टी का कहना है कि किसी भी सरकार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा होती है.. अगर किसी प्रतिबंधित चीज की बिक्री लगातार हो रही है.. और उससे लोगों की जान जा रही है.. तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.. पार्टी का आरोप है कि गुजरात सरकार इस जिम्मेदारी को तय करने से बच रही है..

AAP का यह भी आरोप है कि गुजरात में सिर्फ अवैध शराब ही नहीं.. बल्कि ड्रग्स की बिक्री को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आते रहे हैं.. पार्टी का कहना है कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी.. और बिक्री के खिलाफ सरकार को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है.. विपक्ष के मुताबिक जब अपराधियों को कानून का डर नहीं रहता.. तो इसका सीधा असर आम लोगों की सुरक्षा पर पड़ता है.. इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी पर भी निशाना साधा है.. पार्टी का कहना है कि गृह विभाग की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की होती है.. ऐसे में अगर राज्य में अवैध शराब और ड्रग्स का कारोबार लगातार सामने आ रहा है.. तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए..

AAP की मांग है कि गृह मंत्री हर्ष संघवी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करें.. और पद से इस्तीफा दें.. पार्टी का कहना है कि केवल बयान देने या जांच का आश्वासन देने से समस्या का समाधान नहीं होगा.. सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि अवैध शराब लोगों तक पहुंच कैसे रही है.. इसके पीछे कौन लोग हैं और स्थानीय स्तर पर इसे रोकने में कहां-कहां लापरवाही हुई.. भावनगर की घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात भी की.. पार्टी के अनुसार AAP विधायक गोपाल इटालिया सहित पार्टी की एक टीम ने भावनगर अस्पताल पहुंचकर उन लोगों और उनके परिवारों से मुलाकात की.. जो इस घटना के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं..

आपको बता दें कि अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों और उनके परिवारों की स्थिति ने इस पूरे मामले की गंभीरता को सामने रखा.. किसी परिवार के लिए अचानक अपने किसी सदस्य को खो देना बेहद मुश्किल स्थिति होती है.. ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए.. बल्कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद और न्याय मिलना भी जरूरी है.. गुजरात में शराबबंदी लंबे समय से राज्य की महत्वपूर्ण नीतियों में शामिल है.. लेकिन शराबबंदी की नीति और जमीन पर उसकी स्थिति के बीच अंतर को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं.. अगर शराब कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है.. तो फिर इसकी अवैध बिक्री और सप्लाई का नेटवर्क इतना बड़ा कैसे हो जाता है.. यही सवाल अब विपक्ष सरकार से पूछ रहा है..

आम आदमी पार्टी का कहना है कि शराबबंदी सिर्फ कानून बनाने से सफल नहीं होगी.. इसके लिए लगातार निगरानी, पुलिस की प्रभावी कार्रवाई, तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई.. और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही जरूरी है.. पार्टी का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था इन मोर्चों पर पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है.. AAP ने गुजरात की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा है.. पार्टी का दावा है कि राज्य में आपराधिक गतिविधियों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है.. हालांकि अपराध के आंकड़ों को समझने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड और अलग-अलग श्रेणियों के आंकड़ों को देखना जरूरी है.. लेकिन विपक्ष का कहना है कि अवैध शराब और ड्रग्स का कारोबार अपराध की अन्य घटनाओं को भी बढ़ावा दे सकता है..

 

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