AAP से डरी BJP, FB-Instagram अकाउंट बंद कराया बंद
गुजरात की राजनीति में नया विवाद सामने आया है... जहां आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः भारतीय जनता पार्टी खुद की नाकामी को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है.. ये बात किसी से छिपी हुई नहीं है..पूरी देश की जनता जानती है.. किस तरह बीजेपी विपक्ष को गिराने के लिए पूरी मशीनरी को लगा देती है.. क्योंकि बीजेपी अपने नाकामियों के विरोध से डरती है.. वहीं अपनी नाकामी उजागर होता देख उस सोशल मीडिया अकाउंट को भी बंद करा देती है.. ऐसा ही मामला गुजरात से सामने आया है.. जहां की राजनीति एक बार फिर सोशल मीडिया के मुद्दे को लेकर गर्मा गई है.. आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.. कि उसने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर AAP के फेसबुक.. और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद करवा दिए.. वहीं इस पूरे मामले ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है.. और सोशल मीडिया की स्वतंत्रता, लोकतंत्र.. और अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे मुद्दे फिर से केंद्र में आ गए हैं..
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के गुजरात अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने इस मामले को लेकर खुलकर अपनी बात रखी.. और उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा को AAP की बढ़ती लोकप्रियता से डर लगने लगा है.. इसलिए वह ऐसे कदम उठा रही है.. गढ़वी ने कहा कि AAP के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गुजरात की जनता की आवाज बन रहे थे.. जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है.. AAP के अनुसार, पिछले कुछ समय में उनके गुजरात से जुड़े फेसबुक.. और इंस्टाग्राम पेज तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे.. जिसको लेकर पार्टी का दावा है कि सिर्फ एक महीने के भीतर इन प्लेटफॉर्म्स को 8 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा.. यह आंकड़ा इस बात का संकेत देता है कि डिजिटल माध्यमों पर AAP की पहुंच बढ़ रही थी.. और लोग बड़ी संख्या में उनके कंटेंट से जुड़ रहे थे..
इसी बीच अचानक इन अकाउंट्स के बंद होने की खबर सामने आई.. AAP ने इसे सुनियोजित कार्रवाई बताते हुए.. सीधे तौर पर भाजपा पर आरोप लगाया कि.. उसने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर इन अकाउंट्स को बंद करवाया.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि यह सिर्फ एक सोशल मीडिया अकाउंट का मामला नहीं है.. बल्कि यह जनता की आवाज को दबाने की कोशिश है.. उनके मुताबिक जब कोई पार्टी जनता के मुद्दों को उठाती है.. और सरकार की नीतियों पर सवाल करती है.. तो उसे इस तरह से चुप कराने की कोशिश की जाती है..
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा ने वास्तव में जनता के लिए काम किया होता.. तो उसे इस तरह के कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती.. गढ़वी ने भाजपा पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया.. और कहा कि जनता इसका जवाब जरूर देगी.. इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कुछ भी नहीं बोला गया है.. हालांकि भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं और समर्थकों ने.. इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अपने नियमों के आधार पर कार्रवाई करते हैं.. और इसमें सरकार या किसी पार्टी का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता..
भाजपा का यह भी कहना है कि अगर किसी अकाउंट ने प्लेटफॉर्म की गाइडलाइंस का उल्लंघन किया होगा.. तो उसी के आधार पर कार्रवाई की गई होगी.. ऐसे में AAP के आरोप बेबुनियाद और राजनीतिक हैं.. इस विवाद का एक अहम पहलू सोशल मीडिया कंपनियों की भूमिका भी है.. फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियां जो Meta Platforms के अंतर्गत आती हैं.. अपने कम्युनिटी गाइडलाइंस के आधार पर कंटेंट को मॉडरेट करती हैं.. इन प्लेटफॉर्म्स का दावा होता है कि वे किसी भी प्रकार की गलत जानकारी.. भड़काऊ कंटेंट या नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हैं.. लेकिन कई बार राजनीतिक दल इन कार्रवाइयों को पक्षपातपूर्ण या प्रभावित बताते हैं..



