आखिर क्यों नहीं दिखे शशि थरूर? सतीशन के शपथ ग्रहण से दूरी की ये है वजह

केरलम में कांग्रेस पार्टी के लिए आज का दिन बड़ा दिन रहा, क्योंकि सतीशन की अगुवाई में नई सरकार ने शपथ ली. पार्टी ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के जरिए 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है. लेकिन शशि थरूर इस समारोह से भी दूर रहे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केरलम में कांग्रेस पार्टी के लिए आज का दिन बड़ा दिन रहा, क्योंकि सतीशन की अगुवाई में नई सरकार ने शपथ ली. पार्टी ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के जरिए 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है. लेकिन शशि थरूर इस समारोह से भी दूर रहे.

केरलम में आज सोमवार को वीडी सतीशन की अगुवाई में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार अस्तित्व में आ गई है. नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे, लेकिन राज्य के कद्दावर सांसद शशि थरूर वहां पर नहीं दिखाई दिए. एक बार फिर कांग्रेस से जुड़े मंच पर थरूर की गैर-मौजूदगी ने सियासी गलियारों में उनको लेकर चर्चा तेज हो गई है.

सतीशन ने आज अपने कैबिनेट के साथ केरलम के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली. उनकी कैबिनेट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, सन्नी जोसेफ, के. मुरलीधरन और कई अन्य नेता शामिल हुए. हालांकि थरूर इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वह वीकंड पर अमेरिका में थे, जहां उन्हें अपने पुराने शिक्षण संस्थान- Tufts University के फ्लेचर स्कूल ऑफ़ लॉ एंड डिप्लोमेसी (Fletcher School of Law & Diplomacy) में भाषण देना था. हालांकि पिछले कुछ समय से वह कांग्रेस से जुड़े कार्यक्रमों से किसी न किसी वजह से दूर ही रहे हैं. खासकर राहुल गांधी से जुड़े कार्यक्रमों में किसी न किसी वजह से शामिल नहीं हुए.

तो क्या पहले ही बता दिया था
कांग्रेस सांसद ने पिछले हफ्ते शुक्रवार (15 मई) को ही बता दिया था कि वह पहले से तय कार्यक्रम के कारण इस समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने सोशल मीडिया X पर अपने एक पोस्ट में लिखा, “मुझे दुख है कि मैं केरलम कांग्रेस में सहयोगी और राज्य के नए मुख्यमंत्री सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पा रहा हूं. मैं इस वीकंड बोस्टन में हूं, जहां मुझे अपने पुराने शिक्षण संस्थान- टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल ऑफ़ लॉ एंड डिप्लोमेसी- के दीक्षांत समारोह में मुख्य भाषण देना है. साथ ही, अपनी बैच के 50वीं वर्षगांठ के पुनर्मिलन (50th anniversary reunion) समारोह में भी हिस्सा लेना है!” थरूर ने अपनी बैच के 50वीं वर्षगांठ के पुनर्मिलन समारोह को ‘अमेरिका में अतीत का जश्न मनाने का एक अवसर’ बताया, और साथ ही यह भी कहा कि ‘मैं केरल के भविष्य की ओर भी देख रहा हूं…’

मैं सतीशन को याद करूंगाः थरूर
हालांकि आज सोमवार सुबह भी, शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाने के बारे में एक पोस्ट साझा करते हुए, शशि थरूर ने कहा कि इस अवसर पर वह सतीशन को याद करेंगे. उन्होंने कहा, “हां, इस शुभ अवसर पर मैं सतीशन, अपने केरलम कांग्रेस के सहयोगियों और UDF के सहयोगियों को जरूर याद करूंगा.”

इससे पहले केरलम में कांग्रेस पार्टी के लिए आज का दिन बड़ा दिन था, क्योंकि सतीशन की अगुवाई में नई सरकार ने शपथ ली. पार्टी ने यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के जरिए 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है. यूडीएफ उसने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की अगुवाई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को हराया, जो पिछले एक दशक से सत्ता में था. यूडीएफ को 140 सीटों में से 102 सीटों पर जीत हासिल हुई है.

तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इस समारोह में शामिल हुए.

Related Articles

Back to top button