केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही: राहुल गांधी
नीट यूजी 26 पेपर रद मामले में भाजपा व कांग्रेस में ठनी

नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षामंत्री को हटाने की मांग की
पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट यूजी 26 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पेपर लीक मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उधर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा के मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी पर हमला बोला है।
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार के सबसे सक्षम मंत्री है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीट 24 और नीट 26 दोनों मामलों में एक जैसी स्थिति देखने को मिली है। उन्होंने लिखा कि पहले पेपर लीक होता है, फिर जांच एजेंसी सक्रिय होती है, समिति बनाई जाती है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं होती है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए पूछा कि आखिर बार-बार परीक्षा पत्र लीक क्यों हो रहे हैं और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। बता दें कि नीट यूजी परीक्षा हर साल देशभर के लाखों छात्र देते हैं और इसी परीक्षा के जरिए मेडिकल तथा डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलता है। ऐसे में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले कुछ लोगों तक पहुंचाया गया था। इस मामले में अब तक पांच राज्यों से नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं।

भाजपा व संघ के लोगों ने बनाया पैसा कमाने का गठजोड़
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कथित लोगों का पैसा कमाने वाला गठजोड़ बताया है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप पर प्रसारित किया गया था।
इस्तीफा मांगना आसान, काम करना मुश्किल : अनिल विज
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया है। विज ने कहा कि आजकल राजनीति में बिना सोचे-समझे इस्तीफा मांगना एक सामान्य बात हो गई है। किसी का भी इस्तीफा मांग लेना बहुत आसान है, लेकिन असली चुनौती काम करके दिखाने की होती है। अंबाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विज ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बचाव किया और उन्हें केंद्र सरकार के सबसे सक्षम मंत्रियों में से एक बताया। उन्होंने साफ किया कि पेपर लीक मामला सामने आते ही सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए। जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का नेता प्रतिपक्ष को समर्थन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भी राहुल गांधी की इस मांग का खुलकर समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की बात कही थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भाजपा और आरएसएस के गठजोड़ ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सिद्धरमैया ने कर्नाटक के एक लाख से अधिक छात्रों समेत देश के 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने में पूरी तरह फेल रही है, जिससे छात्र अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं। आपको बता दें कि 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बाद रद कर दिया गया था।
भाजपा का कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप
भाजपा ने कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए अपनी सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और सीबीआई जांच का बचाव किया है। भाजपा नेता भंडारी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही तुरंत और कड़ी कार्रवाई की है और सरकार हमेशा छात्रों के हितों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि अनियमितताओं का पता चलते ही परीक्षा को तुरंत रद किया गया और छात्रों पर बिना कोई अतिरिक्त बोझ डाले 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा भी कर दी गई है। भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस को 22 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मामले पर राजनीति करना बंद करना चाहिए। दूसरों को सीख देने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए एआईपीएमटी लीक, एसएससी घोटाले, सीबीएसई पेपर लीक और कांग्रेस शासित राज्यों में हुए भर्ती घोटालों के भयावह रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि आरोपों के सामने आते ही केंद्र सरकार ने तुरंत मामला सीबीआई को सौंप दिया था और खुद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर इस पूरे मुद्दे की जिम्मेदारी स्वीकार की है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनाव 18 को
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद चुनाव की 16 सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने इन सीटों के लिए पूरा शेड्यूल जारी कर दिया हैं। विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना 25 मई सोमवार को जारी की जाएगी। वहीं 18 जून को मतदान होगा और 22 जून को वोटों की गिनती की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार (18 मई) को महाराष्ट्र विधान परिषद की 16 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की।
आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र के 16 स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों का कार्यकाल 022 और 25 के बीच अलग-अलग समय पर समाप्त हो गया था। हालांकि, स्थानीय निकायों के कामकाज से संबंधित अनिवार्य मानदंडों की पूर्ति न होने और मतदाताओं की उपलब्धता न होने के कारण पहले चुनाव नहीं कराए जा सके। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 25 मई, 26 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 2 जून को होगी। उम्मीदवार 4 जून तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। सभी 16 सीटों के लिए मतदान 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया 25 जून तक पूरी होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने यह भी घोषणा की है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
भीषण गर्मी के बीच सडक़ पर उतरे अभ्यर्थी
रेंगते हुए मंत्री का आवास घेरने पहुंचे 69 हजार छात्र, पुलिस ने किया बल प्रयोग
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में जहां पारा 45 के पार पहुंच रहा है । वहीं न्याय के शिक्षक व वकील सडक़ों पर हैं। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती के मामले में 31वीं तारीख के बीच अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी में रेंगते हुए प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी, राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री का आवास घेरने जा रहे थे हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे जान से रोक दिया। इससे पहले कल कैसरबाग में नगर निगम ने वकीलों के चैंबर व दुकानें तोड़ दीं। वकीलों तीन तक काम न करने की बात कही है।
सोमवार,18 मई को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास की ओर सडक़ पर रेंगते हुए पहुंचे और विरोध जताया। भीषण गर्मी के बीच अभ्यर्थियों ने अनोखे तरीके से प्रदर्शन करते हुए सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि मामले की अगली सुनवाई 31 मई को है, लेकिन अब तक उनकी ओर से अदालत में प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है. उनका आरोप है कि सरकार और संबंधित विभाग उनके मुद्दों को गंभीरता से नहीं उठा रहे हैं अभ्यर्थियों ने मांग की कि कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखा जाए और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकाला जाए।
अभ्यर्थी बोले- हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं
यह पूछे जाने पर कि वह रेंगते हुए क्यों जा रहे हैं, अभ्यर्थियों में से एक ने कहा कि हमारी हालत कीड़े मकड़ों से ज्यादा बुरी हो गई है, इसलिए हमने यह कदम उठाया। एक अभ्यर्थी ने कहा कि हम आग्रह करने आए हैं कि हम लोगों की हालत देखी जाए। हम लोग मजबूर हैं। पिछले 6 सालों से हमारा आंदोलन चल रहा है. अब गर्मी, सर्दी, बारिश, कुछ फर्क नहीं पड़ता, हम लोग मजबूर हैं, हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं है।
हाथ में रामचरित मानस लिए वकील पर यूपी में पुलिस के लाठीचार्ज की तस्वीर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शेयर की
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वकीलों के चैंबर पर बुलडोजर चलाने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा चीफ ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि एक वकील के हाथ में रामचरितमानस है। उस पर पुलिस के जवान लाठी ताने खड़े हैं। यह तस्वीर साझा कर सपा चीफ ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी अधर्मी है, कन्नौज सांसद ने लिखा कि ‘श्रीरामचरितमानस’ हमारी सौहार्दपूर्ण संस्कृति का संविधान है और मानवीय-व्यावहारिक मर्यादा का आचार संहिता कोश. उप्र भाजपा सरकार ने जिस तरह लखनऊ में ‘श्रीरामचरितमानस’ का अपमान-तिरस्कार किया है, वो किसी भी तरह क्षमा करने योग्य नहीं है।
वकीलों के चैंबर व दुकानों पर चला बुलडोजर
इससे पहले रविवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना की निंदा करते हुए इसे अन्याय करार दिया और कथित लाठीचार्ज में घायल वकीलों के मुफ्त इलाज की मांग की थी। बता दें नगर निगम द्वारा वजीरगंज क्षेत्र में वकीलों के कथित अवैध चैंबर गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर पुलिस ने रविवार को हल्का बल प्रयोग किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के बयान के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्ययाालय के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम ने अदालत परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह इलाका वजीराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
लखीमपुर खीरी में भीषण सडक़
ट्रक और मैजिक की टक्कर में 8 की मौत
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में थाना ईशानगर के उंचा गांव में आज सुबह एक भीषण सडक़ दुर्घटना में 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि लखीमपुर से मैजिक गाड़ी सवारी भरकर लखीमपुर से सिसैया जा रही थी, उधर सामने से बहराइच की ओर से आ रहे एक ट्रक ने सामने टक्कर मार दी।
घटना के बाद चीख-पुकार मच गयी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव शुरू कर दिया है। सीओ खमरिया शमशेर बहादुर ने बताया कि पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, ट्रक चालक मौके से फरार है उसकी तलाश की जा रही है. उधर अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर के मुताबिक यहां दस लोगों को लाया गया था, इनमें नौ की मौत हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक मैजिक में सभी मजदूर सवार थे जो लखीमपुर से मजदूरी करके वापस गांव नानपारा जा रहे थे। इससे पहले पीलीभीत-बस्ती हाइवे पर अद्लीसपुर गांव के पास हादसा हो गया। पुलिस मृतकों की पहचान करने में जुटी है, जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर हादसे पर दु:ख जताया है और डीएम एसपी को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव के निर्देश दिए हैं।



