मंगलवार को मछली खाकर अनुराग ठाकुर ने अपने पैरों पर मारी कुल्हाड़ी, नेहा ने लिए मजे!

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस पर चुटकी ली. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आपको बंगाल में मछली खाते देख अच्छा लगा.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा नेता चुनाव जीतने के लिए किस हद तक जा सकते हैं ये बात किसी से छिपी नहीं है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं वैसे वैसे भाजपाई अपना रंग गिरगिट की तरह बदलने लगते हैं।

लोगों के खान-पान और मीट मच्छी पर सवाल खड़े करने वाले नेता आज खुद मछली खाकर चुनावी प्रचार कर रहे हैं। और ये भी कहा रहे हैं कि जिसका जो दिल करे वो उस चीज को खाए इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं भाजपा नेता अनुराग ठाकुर की। जो की एक तरफ जहां कट्टरता की बात करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ मंगलवार के दिन मछली का स्वाद लेते हुए नजर आते हैं।

यह घटना पश्चिम बंगाल के चुनावी प्रचार के दौरान हुई। अनुराग ठाकुर माथे पर तिलक लगाए, भगवा गमछा पहने हुए थे और बड़े चाव से मछली-भात खा रहे थे। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो बंगाल में मछली और अंडा बंद कर देगी।

इस आरोप का जवाब देने के लिए अनुराग ठाकुर ने यह स्टंट किया। लेकिन यह स्टंट उनके और बीजेपी के लिए उल्टा पड़ गया। लोग अब उन पर तंज कस रहे हैं और किरकिरी हो रही है।

वहीं इस वीडियो को लेकर सवालों की झड़ी लग चुकी है। जमकर आलोचना हो रही है। ऐसे में अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में बनी रहने वाली नेता सिंह राठौर कहां पीछे रहने वाली हैं।

उन्होंने भी अनुराग ठाकुर के वीडियो को लेकर तंज भरे लहजे में सवाल खड़े किये-उन्होंने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि भाजपावालों को ग़लतफ़हमी है कि वो झालमुड़ी और मछली दिखाकर पश्चिम बंगाल को ठग लेंगे. पश्चिम बंगाल की जनता भाजपा की नस-नस जानती है. भाजपा के नेता चाहे मछली खायें चाहे मटन सूप पियें…दक्षिणेश्वर काली सब देख रही हैं…

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस पर चुटकी ली. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आपको बंगाल में मछली खाते देख अच्छा लगा. चिंता मत कीजिए, यहां ऐसा नहीं है कि आपको मछली खाने पर कोई रोकेगा. आप आराम से हुगली नदी पर घूमिए और मछली का आनंद लीजिए.”

उनका इशारा बीजेपी के आरोपों और बंगाल की आजादी वाली छवि की तरफ था. यानी अब इस मामले में सोशल मीडिया से लेकर देश की राजनीति में अब इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त बहस चल रही है. कोई इसे खाने की आजादी से जोड़ रहा है, तो कोई इसे धर्म और संस्कृति के नजरिए से देख रहा है.

खैर यह कोई पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो किसी भाजपा नेता ने अपने चुनावी फायदे के लिए ऐसा दांव खेला हो। लेकिन यह घटना देखकर साफ पता चलता है कि बीजेपी वोट के लिए कुछ भी कर सकती है। उत्तर भारत में बीजेपी शाकाहारी संस्कृति और हिंदू परंपराओं की बात करती है। लेकिन बंगाल में वोट पाने के लिए मछली खाने लग जाते हैं।

मंगलवार का दिन कई हिंदू परिवारों में शाकाहारी रखा जाता है। हनुमान जी का दिन माना जाता है। लेकिन अनुराग ठाकुर तिलक लगाकर मछली खा रहे हैं। विपक्षी नेता महुआ मोइत्रा और आप के सौरभ भारद्वाज जैसे लोगों ने इस पर मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि वोट के लिए बीजेपी नेता अपना धर्म भी बदल लेते हैं।

बीजेपी हमेशा कहती है कि वह सनातन संस्कृति की रक्षक है। लेकिन जब बंगाल जैसे राज्य में चुनाव आता है तो सारी परंपराएं भूल जाती है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर मछली खानी ही थी तो मंगलवार क्यों चुना?

क्या वोट की भूख इतनी बड़ी है कि दिन-रात का ख्याल भी नहीं रहा? यह दोगलापन बीजेपी की सच्चाई दिखाता है। एक तरफ वे हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं, दूसरी तरफ चुनाव में स्थानीय खान-पान अपनाकर दिखावा करते हैं। बंगाल की मछली प्रेमी संस्कृति का सम्मान करने का नाटक कर रहे हैं, लेकिन असल में वोट बैंक बचाने की कोशिश है।

यह घटना बीजेपी की असंगत नीतियों को उजागर करती है। पार्टी उत्तर में गौ रक्षा और शाकाहार पर जोर देती है। लेकिन पूर्व में पहुंचते ही मांसाहार का प्रदर्शन। इससे जनता में गुस्सा बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि “उत्तर में शाकाहारी, पूर्व में मांसाहारी”। यह बीजेपी के चरित्र को दिखाता है कि वे सिद्धांतों पर नहीं, सत्ता पर चलते हैं।

अनुराग ठाकुर जैसे नेता इस स्टंट से खुद को फंसाते जा रहे हैं। बीजेपी की यह रणनीति लंबे समय से चल रही है। हर चुनाव में वे अलग-अलग चेहरे दिखाते हैं। एक राज्य में एक बात, दूसरे राज्य में दूसरी। इससे विश्वास टूटता है। बंगाल के लोग समझदार हैं। वे जानते हैं कि मछली उनकी संस्कृति का हिस्सा है। लेकिन बीजेपी का यह अचानक प्यार संदिग्ध लगता है। पहले मछली पर प्रतिबंध की अफवाह फैलाने वाले खुद मछली खाकर दिखा रहे हैं। यह साफ झूठ और फरेब है।

इस विवाद से बीजेपी को नुकसान हो रहा है। लोग अब पूछ रहे हैं कि पार्टी का असली चेहरा क्या है? क्या वे हिंदू मूल्यों की रक्षा करते हैं या सिर्फ वोट की राजनीति? अनुराग ठाकुर का यह कदम पार्टी की छवि खराब कर रहा है। विपक्ष इसे लेकर लगातार हमला बोल रहा है। आम जनता भी इस दोगलेपन पर नाराज है।

ऐसे में दोस्तों यह घटना बताती है कि बीजेपी सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। परंपराएं, धर्म, दिन-रात का ध्यान नहीं रखती। सिर्फ वोट चाहिए तो सब कुछ। बंगाल चुनाव में यह किरकिरी बीजेपी के लिए सबक हो सकती है। लोग अब ऐसी पार्टियों को पहचान रहे हैं जो सिर्फ दिखावा करती हैं। सच्ची संस्कृति और मूल्यों की रक्षा करने वाली पार्टियां अलग होती हैं।  किस तरह से भाजपा नेता अपने फ़ायदे के लिए मछली खाकर सियासी बीज बो रहे हैं।

Related Articles

Back to top button