ऑपरेशन ईगल का बड़ा एक्शन: 65 किलो गांजे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
बांदा में ऑपरेशन ईगल के तहत पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 65 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बांदा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत पुलिस ने 65 किलो अवैध गांजे के साथ तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को जिले में नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई थाना चिल्ला पुलिस और एएनटीएफ झांसी-कानपुर की संयुक्त टीम द्वारा की गई। बरामद गांजे की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में गांजा लेकर क्षेत्र में आने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने ग्राम अतरहट के पास घेराबंदी की और संदिग्धों को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 65 किलो सूखा गांजा बरामद किया गया। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित उर्फ कल्लू, सौरभ उर्फ बिल्लू निवासी अतरहट थाना चिल्ला तथा संजय उर्फ बउवा निवासी खप्टिहाकला थाना पैलानी के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से दो के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
नेटवर्क के अन्य कड़ियों की तलाश
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जानी थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क एक जिले तक सीमित न होकर कई जनपदों में फैला हो सकता है। इसी वजह से पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
युवाओं को नशे से बचाने पर फोकस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन ईगल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है। जिले में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि समाज और युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रिपोर्ट – इक़बाल खान
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