सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर केंद्र ने कहा- कैंसर अधिसूचित करने योग्य बीमारी नहीं

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अनुराग श्रीवास्तव की रिट याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में हलफनामा दाखिल किया है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अनुराग श्रीवास्तव की रिट याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में हलफनामा दाखिल किया है. याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कैंसर को अधिसूचित बीमारी की सूची में डालने और निगरानी से संबंधित उपायों की मांग की गई है.

कैंसर को संक्रामक रोगों की तरह अनिवार्य रूप से अधिसूचित करने लायक बीमारी नहीं है. ना ही ऐसा माना जाना चाहिए, क्योंकि यह एक गैर-संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है. केंद्र ये बातें सुप्रीम कोर्ट में कही है. दरअसल, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अनुराग श्रीवास्तव की रिट याचिका पर जारी नोटिस के जवाब में हलफनामा दाखिल किया है.

याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से कैंसर को अधिसूचित बीमारी की सूची में डालने और निगरानी से संबंधित उपायों की मांग की गई है. जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) संक्रामक रोगों के लिए बनाई गई अनिवार्य अधिसूचना प्रणाली के बजाय कैंसर को रजिस्टर करने और दीर्घकालिक महामारी विज्ञान के तहत निगरानी की सिफारिश करता है. वहीं, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप न करने का आग्रह किया और कहा कि देश में कैंसर रोग को प्रबंधित करने के लिए मौजूदा तंत्र वैज्ञानिक रूप से उपयुक्त और संवैधानिक रूप से अनुपालन योग्य हैं.

कैंसर स्वास्थ्य संविधान के अंतर्गत राज्य का विषय
केंद्र सरकार ने इस बात पर जोर दिया कि कैंसर संक्रामक नहीं है और इससे सामुदायिक प्रसार का कोई खतरा नहीं है. हलफनामे में कहा गया है कि स्वास्थ्य संविधान के अंतर्गत मुख्य रूप से राज्य का विषय है, और रोग अधिसूचना संबंधी निर्णय राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं.

अब तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य कानूनों या कार्यकारी आदेशों के तहत कैंसर को निगरानी के लिए अधिसूचित कर दिया है. जबकि आईसीएमआर द्वारा राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम (NCRP) और संबंधित जनसंख्या-आधारित और अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों के माध्यम से राष्ट्रव्यापी कैंसर निगरानी पहले से ही की जा रही है.

नीतिगत मामलों में हस्तक्षेप न करने का आग्रह
सरकार ने हलफनामे में राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम (NP-NCD), आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई, राज्य कैंसर संस्थान और तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्र समेत मौजूदा समय चल रही कई पहलों पर प्रकाश डाला और कहा कि ये कार्यक्रम कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं.

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