NCP में बड़ा बदलाव! सुनेत्रा पवार बनीं नई राष्ट्रीय अध्यक्ष | राज्यसभा के लिए पार्थ पर मुहर

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है... सुनेत्रा पवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में एक बड़ा बदलाव हुआ है.. मुंबई के वर्ली डोम में 26 फरवरी को हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में.. सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से नई राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया.. यह फैसला दिवंगत नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के ठीक एक महीने बाद लिया गया.. अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया था.. बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार का नाम प्रस्तावित किया.. और सभी सदस्यों ने तालियां बजाते हुए इसे पारित कर दिया..

आपको बता दें कि बैठक का माहौल बेहद भावुक था.. हर कोई अजित पवार को याद कर रहा था.. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि अजित दादा के जाने के बाद पार्टी पर संकट आया था.. लेकिन हम सब एकजुट हैं.. सुनेत्रा जी पार्टी को नई दिशा देंगी.. वे कार्यकर्ताओं की मां की तरह हैं.. इस प्रस्ताव को वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने समर्थन दिया.. बैठक में मौजूद सभी विधायक, सांसद.. और कार्यकर्ता खड़े होकर सुनेत्रा पवार का अभिवादन करने लगे..

वहीं सुनेत्रा पवार ने पद संभालते हुए कहा कि राजनीति.. और सामाजिक जीवन मेरे लिए नया नहीं है.. मैं पिछले 40 साल से अजित पवार नाम के तूफान के साथ जी रही हूं.. एनसीपी मेरे परिवार की तरह है.. जय और पार्थ मेरे बच्चे हैं.. लेकिन पूरा एनसीपी मेरा परिवार है.. अजित दादा का सपना हम पूरा करेंगे.. बता दें कि सुनेत्रा पवार अब एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष.. और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री दोनों पद संभाल रही हैं.. वे महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं.. उन्हें 31 जनवरी को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी.. अजित पवार के निधन के बाद पार्टी में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया था.. लेकिन सुनेत्रा पवार ने बहुत शांति और साहस से सबको संभाला.. पहले वे विधायक दल की नेता बनीं.. और फिर उपमुख्यमंत्री पद संभाला.. अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पार्टी में परिवार की पकड़ और मजबूत हो गई है..

जानकारी के मुताबिक बैठक में एक और बड़ी घोषणा हुई.. प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को एनसीपी की ओर से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है.. पार्थ पवार की उम्र 35 साल है.. इसे नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.. सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा की सीट छोड़कर उपमुख्यमंत्री पद संभाला था.. अब उस खाली सीट पर पार्थ को भेजा जा रहा है.. पार्टी इसे युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का कदम बता रही है.. पार्थ पवार पहले से ही बारामती.. और महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हैं.. उन्हें अजित पवार की विरासत को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है..

अजित पवार का निधन पूरे महाराष्ट्र और देश के लिए बड़ा सदमा था.. 28 जनवरी को वे बारामती में स्थानीय चुनावों के लिए रैली करने जा रहे थे.. मुंबई से बारामती जा रहे उनके चार्टर विमान की लैंडिंग के दौरान दुर्घटना हो गई.. विमान में अजित पवार के अलावा उनका निजी सुरक्षा अधिकारी, दो पायलट और एक फ्लाइट अटेंडेंट भी थे.. सभी की मौत हो गई.. यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर हुआ.. पूरा देश शोक में डूब गया.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस नेता शरद पवार और तमाम राजनीतिक दलों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.. तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई..

आपको बता दें कि अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के बड़े खिलाड़ी थे.. वे छह बार उपमुख्यमंत्री रहे.. वे एनसीपी के संस्थापक शरद पवार के भतीजे थे.. 2023 में उन्होंने शरद पवार गुट से अलग होकर एनसीपी की अपनी पार्टी बनाई.. और भाजपा के साथ सरकार में शामिल हुए.. अजित पवार विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे.. किसान, युवा, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए उन्होंने कई योजनाएं चलाईं.. बारामती उनका गढ़ था.. उन्होंने वहां से कई बार चुनाव जीता.. उनकी मौत के बाद पार्टी में सवाल उठे कि अब नेतृत्व कौन करेगा.. लेकिन सुनेत्रा पवार ने सबको एकजुट रखा..

सुनेत्रा पवार अजित पवार की पत्नी हैं.. राजनीति में उनका नाम पहले कम सुनाई देता था.. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती सीट से चुनाव लड़ा.. उनका मुकाबला शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से हुआ.. सुप्रिया सुले जीत गईं.. लेकिन सुनेत्रा पवार ने कड़ा मुकाबला किया.. इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया.. अजित पवार के निधन के बाद उन्होंने परिवार और पार्टी दोनों को संभाला.. बैठक में उन्होंने भावुक होकर कहा कि अजित दादा ने कभी शिव, शाहू, फुले.. और आंबेडकर के विचारों से समझौता नहीं किया.. हम भी नहीं करेंगे.. हम समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलेंगे.. महिलाओं पर खास ध्यान देंगे.. शहरों में पार्टी को मजबूत करेंगे..

प्रफुल्ल पटेल ने बैठक में लंबा भाषण दिया.. और उन्होंने कहा कि अजित दादा के जाने के बाद कई अफवाहें फैलीं.. कुछ लोग पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे.. लेकिन हम सब एक हैं.. सुनेत्रा जी को चुनकर हमने साबित कर दिया कि एनसीपी परिवार की पार्टी है.. और परिवार ही इसे आगे ले जाएगा.. सुनील तटकरे ने भी अजित पवार को याद किया.. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद कई घटनाएं हुईं.. 2023 में जब अजित दादा ने एनडीए जॉइन किया.. तो हम सब उनके साथ खड़े थे.. आज भी हम उनके सपनों को पूरा करेंगे..

बैठक में चगन भुजबल जैसे मंत्रियों ने भी सुनेत्रा पवार का समर्थन किया.. भुजबल ने कहा कि सुनेत्रा जी ने तीन भाषाओं में भाषण दिया.. जो लोग उन्हें गूंगी गुड़िया कहते थे.. उन्हें जवाब मिल गया.. इंदिरा गांधी को भी शुरुआत में ऐसा कहा जाता था.. लेकिन उन्होंने सबको चुप करा दिया.. सुनेत्रा जी भी वैसा ही करेंगी.. उन्होंने अजित पवार की मौत की जांच की मांग भी दोहराई.. पार्टी चाहती है कि विमान दुर्घटना की पूरी जांच हो..

सुनेत्रा पवार ने बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट किया.. और उन्होंने लिखा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का विश्वास मुझे मिला है.. यह मेरे लिए कर्तव्य, बलिदान और विश्वास की भावना है.. अजित पवार महाराष्ट्र के विकास के लिए जीवन भर लगे रहे.. उनके सपने पूरे करने के लिए मैं आगे बढ़ूंगी.. किसान, महिला, युवा और आम आदमी की उम्मीदों को पूरा करना मेरा लक्ष्य है.. कोई अजित दादा की जगह नहीं ले सकता.. लेकिन उनकी विरासत को मजबूत बनाएंगे..

वहीं यह फैसला महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ है.. एनसीपी भाजपा के साथ महायुति सरकार में शामिल है.. देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं.. सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री हैं.. अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से उनकी भूमिका और मजबूत हो गई है.. पार्टी में शरद पवार गुट से अलगाव के बाद अजित गुट को मजबूत करने की कोशिशें चल रही हैं.. सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में विस्तार की योजना बना रही है.. महिलाओं को ज्यादा टिकट देने और युवाओं को आगे लाने पर जोर रहेगा..

वहीं पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने का फैसला भी सोचा-समझा कदम है.. पार्थ पहले लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं.. वे युवा, शिक्षित और बारामती में सक्रिय हैं.. पार्टी का मानना है कि पार्थ अजित पवार की राजनीतिक विरासत को नई ऊर्जा देंगे.. राज्यसभा में वे महाराष्ट्र के मुद्दों को मजबूती से उठा सकेंगे.. वहीं यह घटना एनसीपी के इतिहास में याद रखी जाएगी.. अजित पवार ने 2023 में पार्टी को नया रूप दिया था.. अब सुनेत्रा पवार उसे आगे ले जा रही हैं.. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला परिवारवाद को मजबूत करता है.. लेकिन साथ ही पार्टी की एकजुटता भी दिखाता है.. शरद पवार गुट ने अभी कोई बड़ा बयान नहीं दिया है.. लेकिन सूत्रों का कहना है कि वे भी इस पर नजर रखे हुए हैं..

आपको बता दें कि सुनेत्रा पवार अब छह महीने के भीतर विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक बनना चाहती हैं.. क्योंकि उपमुख्यमंत्री पद के लिए विधायक होना जरूरी है.. बारामती या आसपास की सीट से वे चुनाव लड़ सकती हैं.. पार्टी पूरी ताकत उनके साथ लगाएगी.. वहीं इस बदलाव से महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है.. भाजपा ने सुनेत्रा पवार को बधाई दी है.. प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने कहा है कि वे विकास के मुद्दों पर साथ काम करेंगे..

 

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